कर्नाटक में सूखे का गंभीर संकट, उपमुख्यमंत्री ने केंद्र से 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की
कर्नाटक सूखे की गंभीर चपेट में है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से इसे…
कर्नाटक सूखे की गंभीर चपेट में है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से इसे 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, परमेश्वर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता की भी मांग की है। इसके साथ ही, सूखा घोषित करने के लिए निर्धारित मौजूदा मानदंडों में भी ढील देने का अनुरोध किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक के अलावा आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्य भी सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं, इसीलिए उन्होंने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की है।
जमीनी हकीकत और समीक्षा बैठकें
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बताया कि वह जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद चिक्कबल्लापुरा जिले और बेंगलुरु ग्रामीण के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 26 जुलाई को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और वह चित्रदुर्ग में बेंगलुरु मंडल की समीक्षा बैठक करेंगे। इससे पहले बेलगावी और कलबुर्गी मंडलों की समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं, जबकि मैसूर मंडल की बैठक बाद में आयोजित की जाएगी।
मंत्रिमंडल विस्तार और अन्य मांगें
राज्य में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार पर परमेश्वर ने कहा कि इस पर दोपहर तक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद ही शुरू होगी, जिसके लिए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद दिल्ली में हैं। इसके अलावा, परमेश्वर ने तुमकुरु जिले के लिए मंत्रिमंडल में एक और पद की मांग की। उन्होंने तुमकuru को बेंगलुरु के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की 25 साल पुरानी मांग भी दोहराई।
राष्ट्रीय मुद्दों पर भी दी प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए कहा, "लाखों छात्रों के साथ अन्याय हुआ है... राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया।" उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी स्वाभाविक बताया।
इनपुट: IANS



