भारत की ड्रोन क्रांति: बेंगलुरु में लगेगा देश का सबसे बड़ा एविएशन बैटरी प्लांट
भारत के ड्रोन और एविएशन सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस एविएशन बैटरी बनाने वाली भारतीय डीप-टेक कंपनी ड्रीमफ्लाई…
भारत के ड्रोन और एविएशन सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस एविएशन बैटरी बनाने वाली भारतीय डीप-टेक कंपनी ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस ने उत्तर बेंगलुरु में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा की है। यह प्लांट 40,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला होगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत की आयातित ड्रोन बैटरियों पर निर्भरता कम करना और 'मेक-इन-इंडिया' अभियान को मज़बूती देना है। कंपनी के अनुसार, यह निवेश मानवरहित हवाई प्रणालियों (Unmanned Aerial Systems) के सबसे अहम हिस्से, यानी एविएशन बैटरियों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देगा।
उत्पादन क्षमता और उपयोग
इस नए प्लांट की शुरुआती वार्षिक उत्पादन क्षमता 100 मेगावाट-घंटा (MWh) होगी, जिसे भविष्य में 200 मेगावाट-घंटा तक बढ़ाने की योजना है। इस क्षमता के साथ, यह ड्रोन क्षेत्र को समर्पित भारत की सबसे बड़ी एविएशन बैटरी निर्माण इकाइयों में से एक बन जाएगा। इस प्लांट में बनने वाली बैटरियों का इस्तेमाल ड्रोन के विभिन्न कार्यों में होगा, जिनमें रक्षा, निगरानी, कृषि छिड़काव, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे का निरीक्षण और एयर टैक्सी जैसे उभरते एयर मोबिलिटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा
ड्रीमफ्लाई इनोवेशंस की सह-संस्थापक और सीईओ काजल शाह ने बताया कि एविएशन बैटरियां किसी भी ड्रोन के प्रदर्शन, सुरक्षा, उड़ान अवधि और विश्वसनीयता के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे भारत की ड्रोन अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, एडवांस बैटरी निर्माण में घरेलू क्षमताओं का विकास बेहद आवश्यक है। हमारी नई विनिर्माण सुविधा भारत में अत्याधुनिक एविएशन बैटरियों का निर्माण करेगी, स्थानीय ड्रोन विनिर्माण को मजबूत बनाएगी और विकसित भारत, मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाने में योगदान देगी।"
कंपनी ने यह भी बताया कि उसके उत्पादों में पहले से ही 77 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल होता है, जो 'किसान ड्रोन नीति' के लक्ष्यों के अनुरूप है। यह विस्तार भारत को ड्रोन और अगली पीढ़ी की एविएशन टेक्नोलॉजी के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



