मंगलवार, 28 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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कांगो में इबोला का कहर जारी, मृतकों की संख्या 1400 पार, ऑक्सफोर्ड ने शुरू किया वैक्सीन का परीक्षण

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है, जहां इबोला संक्रमण से मरने वालों की संख्या 1,405 तक पहुंच गई है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा रविवार देर रात जारी की…

कांगो में इबोला का कहर जारी, मृतकों की संख्या 1400 पार, ऑक्सफोर्ड ने शुरू किया वैक्सीन का परीक्षण
(फोटो: IANS)

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है, जहां इबोला संक्रमण से मरने वालों की संख्या 1,405 तक पहुंच गई है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा रविवार देर रात जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी के कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 3,200 हो गई है। यह प्रकोप 15 मई को बंडीबुग्यो वायरस के कारण घोषित किया गया था।

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समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस प्रकोप का केंद्र पूर्वोत्तर का इतुरी प्रांत बना हुआ है, जहां कुल मामलों के 89 प्रतिशत दर्ज किए गए हैं। यह संक्रमण अब देश के पांच प्रांतों में फैल चुका है। अधिकारियों ने बताया कि लोगों की आवाजाही, सुरक्षा संबंधी समस्याएं, छोटे पैमाने पर खनन गतिविधियां और युगांडा तथा दक्षिण सूडान के साथ सीमा पार आवागमन इस बीमारी के तेजी से फैलने के प्रमुख कारण हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ता दबाव

संक्रमण के बढ़ते मामलों ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है। नॉर्थ किवू प्रांत में, आइसोलेशन वार्डों में 141 बिस्तरों की क्षमता है, लेकिन वहां 171 मरीज भर्ती हैं, जिससे क्षमता का उपयोग 121.3 प्रतिशत हो गया है। पूरे देश में बिस्तरों की औसत उपलब्धता का उपयोग 82.1 प्रतिशत है। फिलहाल, कुल 773 मरीज आइसोलेशन में हैं, जबकि 571 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।

सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रयास

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, DRC की प्रधानमंत्री जूडिथ सुमिनवा तुलुका ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यह प्रकोप देश के पूर्वी हिस्से में पहले से मौजूद मानवीय संकट को और बढ़ा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इबोला से निपटने के लिए पांच करोड़ अमेरिकी डॉलर जारी किए हैं और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी धन जुटाया गया है।

वैक्सीन और इलाज की उम्मीद

प्रधानमंत्री तुलुका के अनुसार, वैज्ञानिक इस प्रकोप के लिए जिम्मेदार बंडीबुग्यो इबोलावायरस के खिलाफ इलाज और वैक्सीन विकसित करने में जुटे हैं। वर्तमान में इस वायरस के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष इलाज नहीं है। हालांकि, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी। विश्वविद्यालय ने बताया कि बंडीबुग्यो इबोलावायरस से बचाव के लिए बनाई गई 'चाडऑक्स1 बीडीबीवी' नामक वैक्सीन का दुनिया का पहला मानव परीक्षण शुरू हो गया है, जिसमें पहले स्वयंसेवक को टीका लगाया जा चुका है।

इनपुट: IANS

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