क्या INDIA ब्लॉक में बन रहा नया समीकरण? DMK की उद्धव ठाकरे और शरद पवार से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल
लोकसभा में परिसीमन और सीटें बढ़ाने से जुड़ा विधेयक गिरने के बाद देश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) एक नई रणनीति पर काम करती दिख रही है, जिसमें कांग्रेस और…
लोकसभा में परिसीमन और सीटें बढ़ाने से जुड़ा विधेयक गिरने के बाद देश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) एक नई रणनीति पर काम करती दिख रही है, जिसमें कांग्रेस और भाजपा से अलग एक व्यापक गठबंधन की संभावना तलाशी जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, DMK की संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने इस सिलसिले में प्रमुख क्षेत्रीय नेताओं से मुलाकात शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में कनिमोझी ने मुंबई पहुंचकर शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके बांद्रा स्थित आवास 'मातोश्री' पर मुलाकात की। ठाकरे ने खुद DMK सांसद का स्वागत किया और उन्हें सम्मान के तौर पर एक सुनहरी शॉल भेंट की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में शिवसेना (UBT) के सांसद अनिल देसाई और मिलिंद नार्वेकर भी शामिल थे।
क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान संसद में परिसीमन विधेयक के गिरने, INDIA ब्लॉक की भविष्य की रणनीति और भाजपा के प्रति कांग्रेस के मौजूदा रवैये जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में विपक्षी गठबंधन में क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों की अहमियत और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में उनकी भूमिका पर भी जोर दिया गया। खासतौर पर, परिसीमन के दक्षिणी राज्यों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर एक समन्वित प्रतिक्रिया की जरूरत पर बात हुई।
मुंबई के बाद कनिमोझी दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले से भी अलग-अलग बातचीत की। इन मुलाकातों से राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि DMK उन क्षेत्रीय दलों को एक साथ लाने की कोशिश कर रही है, जिनके कांग्रेस के साथ कुछ मतभेद हैं। माना जा रहा है कि इस तरह की पहल राष्ट्रीय स्तर पर एक तीसरे राजनीतिक मोर्चे का रास्ता खोल सकती है।
आगे की रणनीति और मतभेद
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा चेन्नई में बुलाई गई परिसीमन-विरोधी बैठक से DMK ने दूरी बना ली थी, जबकि कांग्रेस उसमें शामिल हुई थी। इससे इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच रणनीति को लेकर मतभेद उजागर हुए थे। महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के साथ ठाकरे के कथित मतभेदों की खबरें आती रही हैं।
खबर है कि कनिमोझी अपनी इस मुहिम को जारी रखते हुए जल्द ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात कर सकती हैं। इन बैठकों को एक समन्वित क्षेत्रीय राजनीतिक मंच के लिए समर्थन जुटाने की DMK की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
इनपुट: IANS



