NEET विवाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कर्नाटक के डिप्टी CM ने बताया 'स्वागत योग्य', कहा- जवाबदेही की संस्कृति मजबूत होगी
NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कर्नाटक से प्रतिक्रिया आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने इस इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे…
NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कर्नाटक से प्रतिक्रिया आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने इस इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने वाला कदम बताया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा एक स्पष्ट संदेश देता है कि महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों को अपने विभागों की विफलताओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
तुमाकुरु में पत्रकारों से बात करते हुए जी. परमेश्वर ने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वागत योग्य है। इसने राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की जिम्मेदारी को और मजबूत किया है।" उन्होंने NEET परीक्षा विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक के आरोपों ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा की विश्वसनीयता को कम कर दिया था, जिससे लाखों छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता पैदा हो गई थी।
छात्रों का प्रदर्शन और प्रधानमंत्री का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आइए देखें कि क्या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती है।" परमेश्वर के मुताबिक, प्रधान के इस्तीफे ने सार्वजनिक प्रशासन में एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है और इससे संस्थानों में जनता का भरोसा बढ़ेगा।
विपक्ष का कांग्रेस पर पलटवार
वहीं, इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए अलग और सत्ता में रहते हुए अलग पैमाना अपनाती है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और डीके शिवकुमार एक ही पाखंड के तीन चेहरे हैं।" अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इकोसिस्टम हमेशा दूसरों से इस्तीफे की मांग करता है, लेकिन कर्नाटक में उसका रुख अलग है, जहां मुख्यमंत्री ने ऐसी विफलताओं के लिए डिप्टी कमिश्नरों को जिम्मेदार ठहराने का फैसला किया है।
इनपुट: IANS



