दिल्ली: उभरते खिलाड़ियों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये, केजरीवाल सरकार की नई प्रोत्साहन योजना
दिल्ली में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब दिल्ली के सरकारी खेल केंद्रों और स्टेडियमों में प्रशिक्षण ले…
दिल्ली में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। अब दिल्ली के सरकारी खेल केंद्रों और स्टेडियमों में प्रशिक्षण ले रहे युवा खिलाड़ियों को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसे की कमी किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के प्रशिक्षण में बाधा न बने।
यह नई सहायता 'मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना' (एमकेपीवाई) के तहत शुरू की गई है, जिसे 'ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस' नाम दिया गया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस मासिक प्रोत्साहन राशि से युवा एथलीटों को अपने प्रशिक्षण से जुड़े शुरुआती खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
कौन और कैसे उठा सकेगा लाभ?
इस योजना का लाभ अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ी उठा सकेंगे। लाभार्थियों का चयन कई पैमानों पर आधारित होगा, जिसमें खेल में प्रदर्शन और क्षमता, नियमित उपस्थिति, अनुशासन और आर्थिक जरूरत को ध्यान में रखा जाएगा।
मुख्य शर्तें:
- खिलाड़ी का सरकारी खेल केंद्र में नियमित रूप से नामांकित होना अनिवार्य है।
- कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
- हर तिमाही में प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन की समीक्षा की जाएगी।
योजना के तहत, प्रत्येक सरकारी खेल केंद्र या स्टेडियम में नामांकित कुल प्रशिक्षुओं में से 25 प्रतिशत तक को यह सहायता दी जाएगी। आम तौर पर, एक केंद्र में अधिकतम 100 खिलाड़ियों को यह लाभ मिलेगा, हालांकि बड़े स्टेडियमों में बजट की उपलब्धता के आधार पर यह संख्या 150 तक बढ़ाई जा सकती है।
खिलाड़ियों को मिलेगी शुरुआती मजबूती
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पहल पर कहा, "शुरुआती सालों में, खिलाड़ियों को अक्सर खान-पान, लोकल यात्रा, खेल के ज़रूरी सामान और मेडिकल ज़रूरतों पर नियमित खर्च करना पड़ता है। 2,000 रुपये की मासिक सहायता उन्हें बिना किसी रुकावट के अपनी ट्रेनिंग जारी रखने में मदद करेगी।" उन्होंने विश्वास जताया कि इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रशिक्षण छोड़ने की संभावना कम होगी और सरकारी खेल केंद्र प्रतिभाओं को निखारने के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
यह नई पहल मौजूदा 'मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना' का ही विस्तार है। इस योजना के तहत पहले से ही स्कूल स्तर के शीर्ष एथलीटों को कोचिंग, उपकरण और अन्य जरूरतों के लिए सालाना 5 लाख रुपये तक की मदद दी जाती है। वहीं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हर साल 20 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
इनपुट: IANS



