दिल्ली: बैंक को लगाया 22.5 लाख का चूना, पुलिस ने 2.5 करोड़ की संपत्ति के साथ दो शातिर ठग दबोचे
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो बड़े कॉर्पोरेट बैंक खातों को निशाना बनाकर फर्जीवाड़े को अंजाम देता था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लगभग 2.50…
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो बड़े कॉर्पोरेट बैंक खातों को निशाना बनाकर फर्जीवाड़े को अंजाम देता था। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लगभग 2.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने बैंक अधिकारियों को झांसा देकर फर्जी 'रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट' (RTGS) के जरिए 22.56 लाख रुपये की ठगी की थी।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान गाजियाबाद (लोनी) के 36 वर्षीय विनय कुमार यादव और नोएडा के 65 वर्षीय अनिल कुमार सहगल के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक आरोपी 'घोषित अपराधी' है और नकली नोटों से जुड़े एक मामले में सात साल से भी ज्यादा समय से फरार चल रहा था।
कैसे दिया ठगी को अंजाम?
यह मामला राजेंद्र प्लेस स्थित बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा से जुड़ा है। बैंक मैनेजर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 5 अगस्त को दीपक मल्होत्रा नाम के एक शख्स ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को उन कंपनियों का निदेशक बताया जिनके खाते उस ब्रांच में थे। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पहले 1 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) बनाने की बात कहकर बैंक अधिकारियों का विश्वास जीता।
इसके बाद, उसने दोबारा संपर्क कर दावा किया कि कंपनी की चेकबुक खत्म हो गई है और एक जरूरी भुगतान ईमेल के जरिए करना है। आरोपी ने कंपनी की असली ईमेल आईडी से मिलती-जुलती एक फर्जी आईडी बनाई और कंपनी के नकली लेटरहेड पर 22,56,922 रुपये एक दूसरे खाते में ट्रांसफर करने का निर्देश भेज दिया। जब बैंक अधिकारियों ने जरूरी दस्तावेजों की मांग की तो उसने भुगतान की अर्जेंसी बताकर दबाव बनाया, जिसके बाद बैंक ने यह फर्जी RTGS ट्रांसफर कर दिया।
पुलिस जांच और करोड़ों की बरामदगी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि ठगी की रकम पश्चिम बंगाल के बंधन बैंक के एक 'म्यूल' खाते में ट्रांसफर हुई थी। टेलीकॉम रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही।
पुलिस ने आरोपियों के पास से जो संपत्ति जब्त की है उसमें ये चीजें शामिल हैं:
- सोने के आभूषण
- 101 सोने के सिक्के
- नकद राशि
- एक SUV कार
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ठगी के पैसे को पश्चिम बंगाल के एक जौहरी से सोना खरीदकर निवेश कर देते थे। ये दोनों पहले भी 'मैजिक पेन' का इस्तेमाल कर चेक फ्रॉड समेत कई वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रहे हैं। इनकी मुलाकात जेल में हुई थी। इन गिरफ्तारियों से पुलिस ने गुरुग्राम, पलवल और दिल्ली में दर्ज धोखाधड़ी के छह अन्य मामलों को भी सुलझाने का दावा किया है।
इनपुट: IANS



