बारामूला: 'म्यूल अकाउंट' के ज़रिए अवैध लेन-देन का भंडाफोड़, दो लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज
जम्मू-कश्मीर के बारामूला में पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफ़ाश करने का दावा किया है, जिसमें कथित तौर पर अवैध पैसों के लेन-देन के लिए 'म्यूल बैंक खातों' का इस्तेमाल किया जा रहा था…
जम्मू-कश्मीर के बारामूला में पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफ़ाश करने का दावा किया है, जिसमें कथित तौर पर अवैध पैसों के लेन-देन के लिए 'म्यूल बैंक खातों' का इस्तेमाल किया जा रहा था। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में दो स्थानीय युवकों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है। पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध पर नकेल कसने और अवैध वित्तीय गतिविधियों में शामिल नेटवर्क को उजागर करने के प्रयासों का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को नामज़द किया है। आरोपियों की पहचान बारामूला के गुलशनबाद निवासी मोहसिन अशरफ़ गनी और खानपोरा के रहने वाले साहिल इरशाद के रूप में हुई है, जो फ़िलहाल चकलू में रहता है। इन दोनों पर आरोप है कि वे अपने बैंक खातों का इस्तेमाल एक माध्यम (म्यूल अकाउंट) के तौर पर करने दे रहे थे, ताकि अवैध रूप से कमाए गए धन को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सके।
पुलिस को शक है कि इन खातों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर अवैध धन के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन खातों में संदिग्ध रक़म आती थी, कुछ समय के लिए रखी जाती थी और फिर आगे दूसरे खातों में भेज दी जाती थी।
जांच का दायरा और पुलिस की अपील
पुलिस अब इन बैंक खातों से हुए सभी वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य पैसे के स्रोत, उसके पूरे सफ़र और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह तो नहीं है।
इस घटना के बाद, बारामूला पुलिस ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या बैंकिंग लॉगिन की जानकारी न दें। पुलिस ने चेतावनी दी कि थोड़े से कमीशन के लालच में अपना खाता किसी और को इस्तेमाल करने देना खाताधारक को गंभीर कानूनी मुसीबत में डाल सकता है। लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने की सलाह दी गई है।
इनपुट: IANS



