दिल्ली में मेडिकल शिक्षा का बड़ा विस्तार: सरकार बढ़ाएगी MBBS, PG और सुपर-स्पेशलिटी की सैकड़ों सीटें
दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने मेडिकल सीटों की संख्या में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी करने की एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और…
दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने मेडिकल सीटों की संख्या में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी करने की एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और सुपर-स्पेशलिटी स्तर पर सैकड़ों नई सीटें जोड़ी जाएंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में योग्य डॉक्टरों की कमी को दूर करना है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस रोडमैप में नए मेडिकल कॉलेज बनाने से लेकर मौजूदा संस्थानों की क्षमता बढ़ाने तक के कदम शामिल हैं, ताकि राजधानी के हेल्थकेयर वर्कफोर्स को और सशक्त किया जा सके।
नई सीटें: कहाँ और कितनी?
इस विस्तार योजना को दो मुख्य भागों में बांटा गया है। 'ग्रीनफील्ड योजना' के तहत दो नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जहाँ कुल 300 MBBS सीटें होंगी। इंदिरा गांधी अस्पताल (द्वारका) और गुरु गोविंद सिंह अस्पताल से जुड़े इन कॉलेजों में 150-150 सीटें प्रस्तावित हैं। वहीं, 'ब्राउनफील्ड योजना' के अंतर्गत मौजूदा कॉलेजों में सीटें बढ़ाई जाएंगी। डॉ. बीएसए मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीटें 125 से बढ़ाकर 200 और मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (MAIDS) में BDS की सीटें 50 से 70 करने का प्रस्ताव है।
पोस्ट-ग्रेजुएशन और सुपर-स्पेशलिटी
स्नातकोत्तर शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण विस्तार किया जा रहा है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में PG सीटों की संख्या 260 से 295 की जाएगी, यानी 35 सीटों की वृद्धि होगी। इसके अलावा, MAIDS में भी PG सीटें 22 से बढ़ाकर 42 करने और बीएसए मेडिकल कॉलेज में 24 सीटों वाला एक नया स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है।
सरकार का दृष्टिकोण
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसका लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण करना है जो उच्च प्रशिक्षित मानव संसाधनों से युक्त हो। उन्होंने कहा, "चिकित्सा शिक्षा का विस्तार केवल सीटों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित डॉक्टरों, विशेषज्ञों और सुपर-विशेषज्ञों का एक स्थायी समूह तैयार करना है जो दिल्ली के नागरिकों की सेवा कर सकें।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बुनियादी ढांचे, संकाय और रोगी देखभाल की जरूरतों को भी सीटों की संख्या के साथ-साथ बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
इनपुट: IANS



