जंतर-मंतर पर मारपीट: ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया
जंतर-मंतर पर एक नाबालिग प्रदर्शनकारी के पिता से मारपीट का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को भारद्वाज को…
जंतर-मंतर पर एक नाबालिग प्रदर्शनकारी के पिता से मारपीट का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट के जज के आवास पर पेश किया गया, जहाँ से उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। भारद्वाज खुद को एक ‘इन्फ्लुएंसर’ बताता है।
यह मामला एक वीडियो वायरल होने के बाद तूल पकड़ गया था, जिसमें भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान नाबालिग प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट की थी। वीडियो में उसने यह भी दावा किया था कि अपने राजनीतिक संबंधों के कारण दिल्ली पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई
इस वीडियो के सामने आने के बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में शुक्रवार को नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्य भी शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में, पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से हिरासत में लिया।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दर्ज कराई शिकायत
इस बीच, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि आरोपी ने वायरल वीडियो में उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और कहा है कि वह नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेंगे। पटना में मीडिया से बात करते हुए पासवान ने दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच का आग्रह किया और कहा कि उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि सच्चाई सामने आए और कानून का मजाक उड़ाने वाले आरोपी को कड़ी सजा मिले।
इनपुट: IANS



