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दिल्ली जल बोर्ड STP घोटाला: पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत 5 आरोपियों को मिली जमानत

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और टेंडर में हेरफेर के मामले में पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय समेत पांच आरोपियों को जमानत मिल गई है। समाचार एजेंसी IANS के…

दिल्ली जल बोर्ड STP घोटाला: पूर्व CEO उदित प्रकाश राय समेत 5 आरोपियों को मिली जमानत
(फोटो: IANS)

दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और टेंडर में हेरफेर के मामले में पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय समेत पांच आरोपियों को जमानत मिल गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को सभी आरोपियों को दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर यह राहत दी।

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इन सभी पांचों आरोपियों—उदित प्रकाश राय, नागेंद्र यादव, राज कुमार कुर्रा, पंकज वर्मा और अंकित श्रीवास्तव—को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई दिल्ली के सतर्कता निदेशालय की शिकायत पर 11 मई, 2024 को दर्ज हुई एक FIR के आधार पर की गई थी।

क्या हैं भ्रष्टाचार के आरोप?

ACB के मुताबिक, यह मामला डीजेबी के एसटीपी प्रोजेक्ट्स की निविदा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को इस तरह से बनाया गया था कि एक खास कंपनी 'मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड' को सीधा फायदा पहुंचाया जा सके।

एजेंसी का दावा है कि इन शर्तों ने न केवल प्रतिस्पर्धा को सीमित किया, बल्कि चुनी हुई निजी कंपनी को अनुचित लाभ भी पहुँचाया। जांच में यह भी सामने आया कि प्रस्तावित पायलट स्टडी किए बिना ही काम आगे बढ़ा दिया गया।

रिश्वत और फंड ट्रांसफर का जाल

ACB ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान निजी व्यक्ति कुछ सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के साथ लगातार संपर्क में थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से पता चलता है कि प्रोजेक्ट से जुड़ी गोपनीय निविदा शर्तों और दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया था।

भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसी ने दावा किया है कि 'मेसर्स सृजनहार' और 'मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज' जैसी बिचौलिए कंपनियों के जरिए कमीशन या रिश्वत की रकम का लेन-देन किया गया। जांच में सामने आया कि 'मेसर्स यूरोटेक' से जुड़ी कंपनियों से आरोपी नागेंद्र यादव की फर्म में बड़ी रकम ट्रांसफर हुई। ACB का आरोप है कि तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय ने 'मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज' से बैंकिंग चैनलों के जरिए अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत ली।

उल्लेखनीय है कि इसी मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन भी आरोपी हैं, जिन्हें इसी अदालत ने 3 सितंबर को जमानत दे दी थी।

इनपुट: IANS

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News4Social दिल्ली डेस्क

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