दिल्ली में प्रदर्शनकारियों से झड़प के बाद मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पतालों का दौरा किया, घायलों का हाल जाना
सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के एक दिन बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) और लेडी हार्डिंग अस्पताल का दौरा किया…
सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के एक दिन बाद, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) और लेडी हार्डिंग अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने वहां भर्ती घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और इलाज की समीक्षा की।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नड्डा ने आरएमएल अस्पताल में डॉक्टरों के साथ एक बैठक भी की ताकि घायलों की स्थिति का जायजा लिया जा सके। यह घटनाक्रम नीट-यूजी पेपर लीक समेत अन्य परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद हुआ है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थक और छात्र शामिल थे। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
सीजेपी प्रतिनिधियों से मुलाकात और मांगें
अस्पताल दौरे से पहले, सोमवार को सीजेपी के दो प्रतिनिधियों ने मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर दो बार मुलाकात की थी। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जिसमें मौखिक मांगें रखी गईं। इसके बाद नड्डा के कहने पर प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर चार बजे लिखित ज्ञापन सौंपा।
सीजेपी की ओर से प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने तीन प्रमुख मांगें रखीं:
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- नीट-2026 पेपर लीक विवाद के बाद कथित आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
सूत्रों ने बताया कि नड्डा ने इन मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया, लेकिन उन्होंने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर पर धरना खत्म करने और शांति बहाल करने की अपील की।
बातचीत पर नड्डा की प्रतिक्रिया
मंगलवार को एनडीए के 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में जब नड्डा से इस मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "बैठक अच्छी रही। बैठक हमेशा अच्छी होती है।" हालांकि, उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कोई आश्वासन देने के सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की। बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने बताया कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और इसकी पहल सीजेपी की ओर से की गई थी।
इस बीच, पुलिस द्वारा टेंट और मंच हटाए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर अपना विरोध जारी रखा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की भारी तैनाती की गई है।
इनपुट: IANS



