मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु को 21 TMC पानी कम मिला, समाधान के लिए बुधवार को CWMA की अहम बैठक

कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। मौजूदा जल-वर्ष में तमिलनाडु को अपने हिस्से से लगभग 21 टीएमसी फीट पानी कम मिला है, जिससे राज्य में सिंचाई…

कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु को 21 TMC पानी कम मिला, समाधान के लिए बुधवार को CWMA की अहम बैठक
(फोटो: IANS)

कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। मौजूदा जल-वर्ष में तमिलनाडु को अपने हिस्से से लगभग 21 टीएमसी फीट पानी कम मिला है, जिससे राज्य में सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी मुद्दे के समाधान के लिए कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार, 22 जुलाई को नई दिल्ली में होने वाली है।

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इस बैठक का मुख्य एजेंडा कावेरी नदी के जल बंटवारे और तमिलनाडु के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना होगा। तमिलनाडु सरकार का आरोप है कि कर्नाटक की ओर से पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे राज्य के किसानों पर संकट मंडरा रहा है।

जल बंटवारे का गणित और मौजूदा स्थिति

आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 19 जुलाई के बीच तमिलनाडु को बिलिगुंडलु माप-केंद्र पर केवल 3.44 टीएमसी पानी ही मिला है। जबकि कावेरी जल बंटवारा समझौते के तहत इस अवधि में उसे इससे करीब 21 टीएमसी अधिक पानी मिलना चाहिए था। वहीं, जल संसाधन विशेषज्ञों ने बताया है कि कर्नाटक के कावेरी बेसिन में स्थित चार प्रमुख बांधों में इस साल अब तक लगभग 30 टीएमसी पानी का प्रवाह हुआ है, लेकिन तमिलनाडु के लिए 4 टीएमसी से भी कम पानी छोड़ा गया।

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के सोमवार तक के आंकड़ों के अनुसार, इन चार जलाशयों में कुल 31.61 टीएमसी पानी आया, जबकि छोड़ा सिर्फ 5.26 टीएमसी गया। वर्तमान में इन बांधों में उनकी कुल 114.57 टीएमसी क्षमता के मुकाबले लगभग 59 टीएमसी पानी जमा है।

तमिलनाडु के मेट्टूर बांध में घटता जलस्तर

कर्नाटक से कम पानी छोड़े जाने का सीधा असर तमिलनाडु के मेट्टूर बांध पर पड़ रहा है, जो राज्य में सिंचाई का एक प्रमुख स्रोत है। मंगलवार सुबह बांध का जलस्तर 120 फीट की कुल क्षमता के मुकाबले केवल 75.14 फीट दर्ज किया गया। बांध में इसकी कुल 93.47 टीएमसी भंडारण क्षमता के मुकाबले सिर्फ 37.3 टीएमसी पानी ही उपलब्ध है, जो चिंता का विषय है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

इस मुद्दे पर राज्य में सियासत भी तेज हो गई है। AIADMK महासचिव पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राज्य सरकार तमिलनाडु के हिस्से का पानी दिलाने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से प्रभावी ढंग से बात नहीं की और न ही जरूरी दबाव बनाया। पलानीस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार कावेरी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है, जिससे कावेरी डेल्टा के किसान और कृषि मजदूर संकट में हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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