लाहौर गैंगरेप केस: जांच में क्रिप्टोकरेंसी विवाद, मुख्य आरोपी उपप्रधानमंत्री इशाक डार का रिश्तेदार
पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में एक नया पहलू सामने आया है, जो इसे क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विवाद से जोड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसा
पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में एक नया पहलू सामने आया है, जो इसे क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विवाद से जोड़ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार है, जो पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का रिश्तेदार बताया जा रहा है। जांचकर्ताओं का मानना है कि महिलाओं को क्रिप्टो फंड हासिल करने के लिए बंधक बनाया गया था।
यह घटना 29 जून की है, जब नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली दो महिलाओं का लाहौर में कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अब भी फरार है। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पीड़िता का बयान और फिरौती की मांग
एक पीड़िता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान में पूरी घटना का ब्यौरा दिया है। उसने आरोप लगाया कि हथियारबंद लोगों ने उन्हें एक घर में बंधक बना लिया था, जहाँ मुख्य आरोपी डार लगातार कंप्यूटर और क्रिप्टोकरेंसी फंड के बारे में पूछताछ कर रहा था। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उससे पूछा, "पैसों वाला कंप्यूटर कहां है?"
पीड़िता ने दावा किया कि उसकी रिहाई के बदले 1 लाख डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। बयान के मुताबिक, आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। पीड़िता ने यह भी बताया कि मुख्य आरोपी ने उसके मोबाइल फोन से उसके संपर्कों को पैसे भेजने के लिए संदेश भेजे। बाद में, जब उसकी साथी की मां ने बताया कि 1 लाख डॉलर की व्यवस्था हो गई है, तब आरोपी ने पैसे मिलने की पुष्टि की।
बंधक के दौरान प्रताड़ना
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बंधक बनाए जाने के दौरान दो आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया, जबकि एक अन्य बाहर निगरानी कर रहा था। उसने बताया, "आरोपी लगातार हंस रहे थे, थप्पड़ बरसा रहे थे और जब मैं रोने लगी तो मुझे चुप रहने के लिए कहा गया।" पीड़िता ने यह भी कहा कि उसके सिर पर किसी चीज से वार किया गया था।
आरोपी और पीड़ितों का संबंध
पुलिस जांच से पता चला है कि मुख्य आरोपी की दोनों महिलाओं से मुलाकात पिछले साल सिंगापुर में हुई थी। वे कथित तौर पर एक क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़े थे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी ने ही दोनों महिलाओं के पाकिस्तान आने के लिए बिजनेस वीजा की व्यवस्था की थी। महिलाओं को तब बचाया जा सका जब आरोपी उन्हें एयरपोर्ट ले जाने की कोशिश कर रहे थे और रास्ते में उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपी मुहम्मद रजा डार को इशाक डार का पोता भी बताया गया है।
इनपुट: IANS



