शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

बंगाल में 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति: विश्वविद्यालयों में होंगे शिक्षकों के तबादले, आलिया यूनिवर्सिटी भी शिक्षा विभाग के अधीन आएगी

पश्चिम बंगाल में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी है। राज्य सरकार 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति को लागू करने के लिए गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा…

बंगाल में 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति: विश्वविद्यालयों में होंगे शिक्षकों के तबादले, आलिया यूनिवर्सिटी भी शिक्षा विभाग के अधीन आएगी
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी है। राज्य सरकार 'एक राज्य, एक शिक्षा' नीति को लागू करने के लिए गुरुवार को विधानसभा के विशेष सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस 'पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय प्रशासन एवं विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026' को राज्य मंत्रिमंडल से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

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इस विधेयक का एक मुख्य उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों के बीच मानव संसाधनों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अनुभवी शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी हैं, जिनका लाभ नए संस्थानों को भी मिलना चाहिए।

शिक्षकों के तबादले और स्वायत्तता पर सवाल

विधेयक के तहत विभिन्न राज्य-संचालित विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के तबादले के लिए नए दिशानिर्देश बनाए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "विधेयक में कोलकाता या अन्य बड़े शहरों के पुराने सरकारी विश्वविद्यालयों में लंबे समय से पढ़ा रहे शिक्षकों को नए विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।" यह नीति विभिन्न सरकारी विश्वविद्यालयों से जुड़े शैक्षणिक कर्मचारियों पर भी लागू होगी।

हालांकि, इस प्रस्ताव ने शिक्षाविदों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है। चूंकि राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय स्वायत्त निकाय होते हैं और उनके शिक्षक सीधे तौर पर राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं माने जाते, इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि क्या ये तबादले आपसी सहमति से होंगे या सरकार की इच्छा पर निर्भर करेंगे। इस पर स्थिति विधेयक के पारित होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

आलिया विश्वविद्यालय का प्रशासनिक बदलाव

विधेयक में एक और अहम प्रावधान आलिया विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग से हटाकर पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा विभाग के अधीन लाना है। गौरतलब है कि आलिया विश्वविद्यालय अधिनियम 2007 में वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल में पारित किया गया था और यह 5 अप्रैल 2008 से प्रभावी हुआ था।

इस कदम का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है, "नए विश्वविद्यालयों में उस अनुभव का उपयोग करना आवश्यक है। यदि कुशल प्रोफेसर और कर्मचारी नए संस्थानों में जाते हैं, तो वहां शिक्षण, अनुसंधान और प्रशासनिक ढांचे की गुणवत्ता में तेजी से सुधार होगा। उच्च शिक्षा के समग्र संतुलन को बनाए रखने के लिए यह पहल की जा रही है।" विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक को राज्यपाल की सहमति के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह कानून का रूप ले लेगा।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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