पुतिन का दावा: संघर्ष और प्रतिस्पर्धा के बीच बन रही है दुनिया की नई व्यवस्था
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि मौजूदा दौर में दुनिया एक नई व्यवस्था को आकार लेते हुए देख रही है, जिसकी रूपरेखा संघर्ष और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच तैयार हो रही है। उन्होंने यह बा…
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि मौजूदा दौर में दुनिया एक नई व्यवस्था को आकार लेते हुए देख रही है, जिसकी रूपरेखा संघर्ष और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच तैयार हो रही है। उन्होंने यह बात मॉस्को के ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस में रूसी संसद (स्टेट ड्यूमा) के आठवें कार्यकाल के सांसदों को संबोधित करते हुए कही। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुतिन ने बीते पांच वर्षों को देश के लिए मुश्किल और बेहद चुनौतीपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संबोधन में इसे देश के इतिहास के सबसे अहम दौरों में से एक करार दिया। उन्होंने कहा, "आज हमारे लोगों की किस्मत और देश का भविष्य दांव पर लगा है। यह कोई बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात नहीं है।"
रूस का भविष्य और सैन्य अभियान
अपने भाषण के दौरान पुतिन ने यूक्रेन में चल रहे 'विशेष सैन्य अभियान' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "आज भी हम अपने देश की सुरक्षा, आजादी, सच्चाई और न्याय की रक्षा कर रहे हैं।" राष्ट्रपति ने कहा कि इस अभियान में शामिल सैनिक रूस और अपनी मातृभूमि के लिए बहादुरी से लड़ रहे हैं और पूरा देश उनके साथ खड़ा है। पुतिन ने विश्वास जताया, "हम अपने लक्ष्य जरूर हासिल करेंगे और जीत तथा रूस के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"
वैश्विक संबंधों पर रूसी रुख
पुतिन के इस बयान से पहले, सतत विकास लक्ष्यों पर राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि बोरिस तितोव ने भी भविष्य की विश्व व्यवस्था पर रूस की भूमिका को रेखांकित किया था। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक मंच पर रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने कहा था कि रूस 2030 के बाद की दुनिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की रूपरेखा पर चर्चा शुरू कर रहा है। तितोव के मुताबिक, "यह वैश्विक संबंधों की एक नई संरचना होगी।" उन्होंने यह भी कहा कि रूस डिजिटल तकनीक के साथ-साथ ज़मीनी कामों में सबसे मजबूत है, जो लोगों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़े हैं। पिछले महीने, फेडरेशन काउंसिल के उपाध्यक्ष कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव ने भी कहा था कि विश्व व्यवस्था में बदलाव सिर्फ बातों तक सीमित न रहकर वास्तव में दिखना चाहिए।
इनपुट: IANS



