कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को गिरफ़्तारी से राहत, दिल्ली कोर्ट ने पुलिस को दिया 7 दिन के नोटिस का निर्देश
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि अगर उन्हें सांसद को गिरफ्तार…
कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को दिल्ली की एक अदालत से बड़ी राहत मिली है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि अगर उन्हें सांसद को गिरफ्तार करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो कोई भी सख्त कार्रवाई करने से कम से कम सात दिन पहले एक लिखित नोटिस देना होगा।
अदालत ने यह आदेश गुरुवार को सांसद की अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा करते हुए जारी किया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को सूचित किया कि अकोइजम जांच में सहयोग कर रहे हैं। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि गिरफ्तारी की नौबत आने पर उन्हें सात दिन का अग्रिम नोटिस दिया जाएगा। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
कोर्ट के प्रमुख निर्देश
अदालत ने जांच एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि अकोइजम को हिरासत में लेने की ज़रूरत पड़ती है तो उन्हें सात दिन पहले व्यक्तिगत रूप से लिखित नोटिस सौंपा जाए। इसके साथ ही, कोर्ट ने सांसद को भी जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि नोटिस समय पर मिल सके, अकोइजम को अपने परिवार के दो सदस्यों के संपर्क नंबर जांच अधिकारी को देने के लिए कहा गया है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सांसद जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो पुलिस दोबारा अदालत का रुख करने के लिए स्वतंत्र होगी। अदालत ने दिल्ली पुलिस को जल्द से जल्द जांच पूरी कर मामले में चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।
क्या है पूरा मामला?
इनर मणिपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। यह शिकायतें इस साल मई में जेएनयू की 11 छात्राओं ने दर्ज कराई थीं। विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की जांच के बाद, कुलपति संतीश्री डी. पंडित ने 9 अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया था।
इस बर्खास्तगी के आदेश को अकोइजम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से 2 नवंबर को उन्हें अंतरिम राहत मिली। जस्टिस अनूप जे. भांभानी की पीठ ने जेएनयू के आदेश पर रोक लगा दी थी और मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की थी। इसी पृष्ठभूमि में, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज मामले में गिरफ्तारी की आशंका के चलते उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए राऊज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दायर की थी।
इससे पहले, 15 अक्टूबर को अकोइजम समन मिलने पर दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज नॉर्थ थाने में जांच में शामिल होने के लिए पेश हुए थे। उन्होंने इसे एक 'राजनीतिक मामला' बताते हुए कहा था कि वह जांच में सहयोग करना चाहते हैं ताकि उनकी अनुपस्थिति को असहयोग न समझा जाए।
इनपुट: IANS



