गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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अग्निवीर सेवा अवधि बढ़ाने पर विपक्ष का हमला, 'चुनावी प्रलोभन' और 'छलावा' बताया

केंद्र सरकार द्वारा अग्निवीरों की सेवा अवधि को चार साल से बढ़ाकर छह साल करने के फैसले पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विभिन्न विपक्षी नेताओं ने इस कदम को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और…

अग्निवीर सेवा अवधि बढ़ाने पर विपक्ष का हमला, 'चुनावी प्रलोभन' और 'छलावा' बताया
(फोटो: IANS)

केंद्र सरकार द्वारा अग्निवीरों की सेवा अवधि को चार साल से बढ़ाकर छह साल करने के फैसले पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विभिन्न विपक्षी नेताओं ने इस कदम को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और चुनावी प्रलोभन करार देते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष का मानना है कि यह फैसला भारतीय सेना की परंपराओं को कमजोर करता है।

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राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने पटना में इस फैसले को आगामी चुनावों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब और उत्तराखंड में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए सरकार ऐसे फैसले ले रही है। उन्होंने इस योजना की तुलना 'पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम' से करते हुए कहा, "यह चार और छह साल का क्या चक्कर है? यह पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम भारतीय सेना की वीरता को कमजोर करता है। मेरा मानना ​​है कि कोई भी समझदार व्यक्ति इस तरह के जल्दबाजी में किए गए बदलावों का समर्थन नहीं कर सकता।"

विभिन्न दलों की आलोचना

कांग्रेस ने भी इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। रांची में पार्टी प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने इसे दीपावली का तोहफा मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह सिर्फ 'लीपापोती' है। उन्होंने सवाल उठाया, "एक सैनिक देश और देश की जनता के लिए अपनी जान कुर्बान कर देता है... तो केंद्र सरकार उन अग्निवीरों को क्या लाभ दे रही है। लाभ के नाम पर तो उन्हें शून्य मिल रहा है।"

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताया। उन्होंने कहा कि पहले युवा 21 साल की उम्र में रिटायर हो रहे थे, अब 23 में होंगे, जिसके बाद वे "बहुराष्ट्रीय कंपनियों और देश के धन्ना सेठों की सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड बनेंगे।" उन्होंने इसे देश के युवाओं और सेना के साथ "बेहद अक्षम्य अपराध" बताया। राजपूत ने कहा कि यदि सैनिक को सेवा और परिवार की सुरक्षा का भरोसा नहीं होगा तो वह देश के लिए जान की बाजी कैसे लगाएगा।

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता मनोज पांडेय ने भी इस निर्णय को 'छलावा' और 'जुमला' कहा। उन्होंने कहा कि सेवा अवधि को स्थायी करने के बजाय सिर्फ दो साल बढ़ाया गया है, जिससे कुछ खास हासिल नहीं होगा। पांडेय ने इसे उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले युवाओं को दिया जाने वाला प्रलोभन बताया।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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