NEET पेपर लीक: प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगा
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी ने शुक्रवार को…
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ 'अत्यधिक बल' प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
भोपाल में कांग्रेस कार्यालय में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार पेपर लीक की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे छात्रों की आवाज को पुलिस बल से दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इस पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने की अपनी मांग को भी दोहराया है।
छात्रों के साथ बदसलूकी और लाठीचार्ज का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने विशेष रूप से महिला छात्राओं के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया। ओझा ने कहा, “छात्र नीट पेपर लीक मामले में न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी चिंताओं को दूर करने के बजाय बल प्रयोग किया।” उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और पुलिस की ज्यादती के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
सरकार के रवैये पर सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने इस कार्रवाई को केंद्र सरकार का 'छात्र-विरोधी' रवैया बताया। उन्होंने भाजपा के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'नारी शक्ति वंदन' जैसे नारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घटना इन दावों को खोखला साबित करती है। नायक ने कहा, “प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए, धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और ज्यादती के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें सजा दी जानी चाहिए।”
पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अगर न्यायिक जांच में पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान मुकेश नायक ने मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और आदिवासी मामलों के मंत्री विजय शाह के पद पर बने रहने पर सवाल उठाए।
इनपुट: IANS



