पेपर लीक रोकने वाले संशोधित बिल पर लोकसभा में चर्चा, सरकार और विपक्ष के दिग्गज नेता रखेंगे अपनी बात
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए लाए गए संशोधित विधेयक पर चर्चा होनी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों…
लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए लाए गए संशोधित विधेयक पर चर्चा होनी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर के प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे और अपने विचार रखेंगे। यह विधेयक मौजूदा कानून को और सख्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।
कांग्रेस की ओर से बहस में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और जोथिमानि सेन्निमलई हिस्सा लेंगे। वहीं, सरकार का पक्ष रखने के लिए अनुराग ठाकुर, शशांक मणि त्रिपाठी, भोला सिंह, संजय जयसवाल और विष्णु दत्त शर्मा जैसे नेता चर्चा में शामिल होंगे।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' सदन में पेश किया था। यह विधेयक इसी साल बने 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन करेगा। इसका मुख्य लक्ष्य कड़े कानूनी प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
इस संशोधित कानून के तहत बेहद सख्त सजाओं का प्रावधान किया गया है। दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, उनकी संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान है।
तीन महीने में न्याय का लक्ष्य
विधेयक की एक और अहम विशेषता यह है कि मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी। इन अदालतों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुनाएं, जिससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस घोषणा के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ एक व्यापक और सख्त कानून लाने का वादा किया था।
गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को बताया था कि इस विधेयक पर दोपहर 2 बजे चर्चा होगी। उन्होंने सदस्यों से सदन की कार्यवाही में बाधा न डालने की अपील की थी, लेकिन हंगामे के कारण सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा था।
इनपुट: IANS



