पश्चिम एशिया में गहराया संकट: 14 भारतीय नाविकों की मौत, 2 लापता; सरकार ने जारी की एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। भारत सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि इस क्षेत्र में अब तक 14 भारतीय…
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। भारत सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि इस क्षेत्र में अब तक 14 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है, जबकि दो अन्य अब भी लापता हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी।
जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने बताया, "अब तक 14 भारतीयों की जान जा चुकी है और दो भारतीय अभी भी लापता हैं।"
नाविकों की सुरक्षा के लिए नए निर्देश
क्षेत्र में बढ़ते खतरों के मद्देनज़र, भारत के समुद्री नियामक ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन’ (DGMA) ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस निर्देश के तहत जहाज मालिकों, शिप मैनेजमेंट कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को अगली सूचना तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात करने से मना किया गया है।
DGMA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि यह कदम भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। नियामक ने हाल ही में हुए कुछ हमलों का भी जिक्र किया, जिनमें मोम्बासा बी, अल बह्या, जीएफएस गैलेक्सी, एमटी वेड्यान और अल रेकाय्यत जैसे व्यापारिक जहाज शामिल थे। इन घटनाओं ने क्षेत्र में नाविकों के लिए खतरे को काफी बढ़ा दिया है।
भारत की कूटनीतिक अपील
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने DGMA की एडवाइजरी पर कहा, "मैंने भी वह एडवाइजरी देखी है। जैसा कि आप जानते हैं, पश्चिम एशिया की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है, और इसी को ध्यान में रखते हुए यह सलाह जारी की गई है।"
इससे पहले मंगलवार को भी भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही की आवश्यकता पर जोर दिया था। भारत का मानना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है। रणधीर जायसवाल ने दोहराया कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी पक्षों से तनाव कम करने तथा कूटनीति के माध्यम से समाधान खोजने की अपील करता है।
इनपुट: IANS



