सोमवार, 10 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

हालीशहर हिरासत में मौत: CM सुवेंदु ने परिवार से मिलकर की कार्रवाई, 5 अधिकारी निलंबित, 10 लाख का मुआवज़ा

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में पुलिस हिरासत में हुई एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को…

हालीशहर हिरासत में मौत: CM सुवेंदु ने परिवार से मिलकर की कार्रवाई, 5 अधिकारी निलंबित, 10 लाख का मुआवज़ा
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में पुलिस हिरासत में हुई एक तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात कर न केवल पुलिस की लापरवाही स्वीकारी, बल्कि मामले में शामिल 5 अधिकारियों के निलंबन की भी घोषणा की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया है।

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कांचरापाड़ा नगरपालिका की तृणमूल पार्षद के पति बिरजू केओट को जबरन वसूली के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था, लेकिन शनिवार को उनकी मौत की खबर आई। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई से उनकी जान गई।

जांच और कार्रवाई का आश्वासन

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, जिनके पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है, ने बताया कि इस मामले में नियमों के अनुसार मजिस्ट्रेट स्तर की जांच होगी। उन्होंने कहा, "चूंकि यह मामला पुलिस हिरासत में मौत से जुड़ा है, इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी उत्तर 24 परगना की जिला मजिस्ट्रेट शिल्पा गौरिसारिया को सौंपी गई है।"

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उनके कार्यालय और मृतक के परिवार को दी जाएगी। उन्होंने कहा, "जब तक मुझे इस संबंध में रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक मैं यह नहीं कह सकता कि उसे किस तरह से पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया था। हमने इस मामले में कार्रवाई करते हुए हिलासपुर पुलिस स्टेशन को बंद कर दिया और जांच अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया है।"

परिवार के लिए राहत पैकेज

पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि मृतक के दो बच्चे हैं, इसलिए परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, परिवार के एक सदस्य को गृह मंत्रालय में परिचायक के तौर पर नौकरी दी जाएगी। नौकरी मिलने तक मृतक की पत्नी को हर महीने 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी मिलेगी। अधिकारी ने कहा, “मृतक की पत्नी को प्रति माह 15 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके बाद उसे ग्रुप डी में नौकरी दी जाएगी।”

सीएम ने इस मुद्दे पर राजनीति न होने देने के लिए परिवार का आभार जताते हुए कहा, “सरकार की तरफ से हम परिवार के प्रति अपना आभार जताते हैं। उन्होंने किसी को भी इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति करने का मौका नहीं दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि परिवार ने सरकार और प्रशासन पर भरोसा किया है और यह "हमारे ऊपर बहुत बड़ा कर्ज है"।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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