चित्रकूट में बाढ़: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रभावितों से की मुलाक़ात, हर संभव मदद का दिया आश्वासन
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी और सिंहावल नदियों में आई बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मिलकर उन्हें…
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी और सिंहावल नदियों में आई बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से मिलकर उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सीएम ने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा भी की।
लगातार मूसलाधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिससे रामघाट समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। इस दौरान हनुमान धारा मार्ग पर स्थित एक पुराने पुल को भी क्षति पहुँची।
कोई जनहानि नहीं, आर्थिक नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर की कृपा, मौसम विभाग के सटीक पूर्वानुमान और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण इस आपदा में किसी की जान नहीं गई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी इसकी जानकारी दी और कहा, "प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार हर बाढ़ प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।"
हालांकि, बाढ़ से हुए आर्थिक नुकसान को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी भरपाई के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाएगा और सभी प्रभावितों को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अगले दो-तीन दिनों तक मौके पर ही रहकर यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि लोगों तक भोजन, ज़रूरी सामान और चिकित्सा सुविधाएँ बिना किसी रुकावट के पहुँचती रहें।
राहत और बचाव कार्य जारी
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया था और ज़रूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली गई। प्रभावित लोगों के लिए कुल छह राहत शिविर बनाए गए हैं, जहाँ उनके रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की गई है। प्रशासन अब राहत कार्यों को जारी रखने के साथ-साथ नुकसान के आकलन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
इनपुट: IANS



