ओडिशा: 40 साल से विस्थापित 1300 से ज़्यादा नोलिया परिवारों के लिए 75.6 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा
ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार ने गंजाम ज़िले के उन 1,371 नोलिया परिवारों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है, जो चार दशक पहले आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के निर्माण के लिए विस्थापित हुए थे। समाचार…
ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार ने गंजाम ज़िले के उन 1,371 नोलिया परिवारों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की है, जो चार दशक पहले आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के निर्माण के लिए विस्थापित हुए थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को मुख्यमंत्री ने इन परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापना के लिए कुल 75,60,30,000 रुपए के विशेष पैकेज का ऐलान किया।
यह घोषणा उन हज़ारों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो 1984 से अपनी समस्याओं के समाधान का इंतज़ार कर रहे थे। मुख्यमंत्री माझी ने इस मौके पर पिछली बीजू जनता दल (बीजद) सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने 24 वर्षों तक सिर्फ़ अपने राजनीतिक हितों के लिए गंजाम ज़िले का इस्तेमाल किया, जबकि विस्थापितों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ करती रही।
पैकेज में क्या शामिल है?
गोलाबंधा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में घोषित इस पैकेज के तहत, प्रत्येक पात्र परिवार को 5 लाख रुपए का एकमुश्त मुआवज़ा दिया जाएगा। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में (DBT के ज़रिए) भेजी जाएगी ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस मद में कुल 68.55 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, आवास सहायता के तौर पर 4.25 करोड़ रुपए मंज़ूर किए गए हैं, जिससे 998 अधूरे घरों को पूरा किया जाएगा और 10 नए घर बनाए जाएँगे। नई कीर्तिपुर कॉलोनी में बुनियादी ढाँचे के विकास पर 2.80 करोड़ रुपए से अधिक ख़र्च होंगे।
'विस्थापितों की पीड़ा को नहीं समझा गया'
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "गोलाबंधा के निवासियों का संघर्ष और त्याग बहुत बड़ा है। हमारी सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान किया है, जिसे 1984 में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के लिए जमीन सौंपे जाने के बाद से 4 लंबे दशकों तक नजरअंदाज किया गया था।" उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष ने 24 साल तक गंजाम को अपना अभेद्य गढ़ मानकर सिर्फ राजनीति की, लेकिन विस्थापितों की तकलीफों को कभी नहीं समझा।" माझी ने यह भी ज़िक्र किया कि जहाँ पिछले शासन में नोलिया परिवारों की आवाज़ दबा दी गई, वहीं 'डबल इंजन' सरकार ने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी।
अन्य परियोजनाओं के लाभार्थियों को भी राहत
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छेलीगाडा मध्यम सिंचाई परियोजना से विस्थापित 112 परिवारों में से 96 को पहले चरण में घर और खेती की ज़मीन के पट्टे भी सौंपे। उन्होंने बताया कि जब यह परियोजना अगले साल के अंत तक पूरी हो जाएगी, तो गंजाम और गजपति ज़िलों में 6,000 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत में गोलाबंधा की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधकर उनका स्वागत किया।
इनपुट: IANS



