सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील, CJP ने कहा- 'आपके स्वास्थ्य की चिंता है, आंदोलन जारी रहेगा'
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले 25 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, संगठन ने वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि उनका त्याग छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुका है, लेकिन अब उनकी सेहत की सुरक्षा अधिक महत्वपूर्ण है।
CJP ने वांगचुक को एक पत्र लिखकर यह अपील की। पत्र में कहा गया, "हम पूरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया अपना अनशन समाप्त करें। आपने देशभर के छात्रों को प्रेरित किया है। अब हमें आपकी सेहत का भी ध्यान रखना है।" संगठन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके अनशन तोड़ने से आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा।
आंदोलन जारी रखने का वादा
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष वांगचुक के अनशन पर निर्भर नहीं है और परीक्षा प्रणाली में न्याय की मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। पत्र में यह वादा भी किया गया, "आपका अनशन समाप्त होने के साथ यह संघर्ष खत्म नहीं होगा। हमारी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और हम इसे आगे बढ़ाते रहेंगे।" CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रही है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो के माध्यम से वांगचुक से अपनी अपील दोहराई। उन्होंने कहा, "आज सोनम सर के अनशन का 25वां दिन है। 25 दिनों तक भोजन न करने से उनकी जान को खतरा हो गया है। मैं नहीं चाहता कि उनके साथ कुछ भी गलत हो, इसलिए उनसे आग्रह करता हूं कि वे अपना अनशन समाप्त करें।"
शांतिपूर्ण प्रदर्शन और वांगचुक की शर्त
अभिजीत दिपके ने आंदोलनकारियों से प्रदर्शनों को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलते हुए ऐसा कोई काम नहीं किया जाएगा, जिससे देश की छवि को नुकसान हो। दिपके ने कहा, "जो लोग आपत्तिजनक नारे लगाते हैं या किसी को धमकी देते हैं, उनका इस आंदोलन में कोई स्थान नहीं है।"
इस बीच, सोनम वांगचुक ने भी अपनी ओर से एक शर्त रखी है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि अगर सरकार यह आश्वासन दे कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं। उनका यह पत्र 20 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च के संदर्भ में था।
इनपुट: IANS



