चीन की टेक कंपनियों में AI की लहर, डेढ़ साल में 1.3 लाख नौकरियां गईं
चीन की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की दौड़ में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मुनाफा कमाने के बावजूद ये कंपनियां अधिक
चीन की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की दौड़ में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मुनाफा कमाने के बावजूद ये कंपनियां अधिक कुशलता हासिल करने और AI-आधारित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पिछले 18 महीनों में लगभग 1.3 लाख लोगों को नौकरी से निकाल चुकी हैं।
श्रीलंका स्थित डेली मिरर की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए समाचार एजेंसी IANS ने बताया है कि इस छंटनी की वजह कंपनियों का घाटे में चलना नहीं, बल्कि उनके कारोबार को और अधिक कुशल बनाना है। यह कदम चीन की सरकार के 'एआई प्लस एक्शन प्लान' के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य 2027 तक प्रमुख उद्योगों में 70% और 2030 तक 90% AI का उपयोग करना है।
मुनाफे के बावजूद बड़ी छंटनी
रिपोर्ट के मुताबिक, अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस, मीतुआन और बायडू जैसी दिग्गज इंटरनेट कंपनियों ने मिलकर 1.3 लाख से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। अकेले अलीबाबा के कर्मचारियों की संख्या लगभग 1.94 लाख से घटकर 1.28 लाख रह गई, जो करीब 34% की कमी है। वहीं, बायडू ने लगभग 10,000 कर्मचारियों को निकाला है, और जेडी डॉट कॉम भी करीब 12,000 नौकरियों को खत्म करने की योजना बना रही है। यात्रा, कंटेंट और ई-कॉमर्स जैसे कुछ विभागों में तो कर्मचारियों की संख्या में 30 से 50 प्रतिशत तक की भारी कटौती की गई है।
AI से 7 करोड़ नौकरियों पर खतरा
विशेषज्ञों का अनुमान है कि AI के कारण चीन में लगभग 7 करोड़ नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं, जो देश के कुल कार्यबल का 9.6 प्रतिशत है। अलीबाबा का 'वुकोंग' जैसा AI प्लेटफॉर्म ई-कॉमर्स और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में पूरे विभाग का काम स्वचालित करने की क्षमता रखता है, जिससे 'एक-व्यक्ति कंपनी' का मॉडल भी संभव हो सकता है।
रिपोर्ट में इस बात पर भी चिंता जताई गई है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस बड़े पैमाने पर हो रही छंटनी पर चुप है और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाने के बजाय AI और ऑटोमेशन को विकास के प्रतीक के रूप में बढ़ावा दे रही है।
युवा और अनुभवी कर्मचारी भी प्रभावित
इस छंटनी का असर युवा और अनुभवी, दोनों तरह के कर्मचारियों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट में एक अनौपचारिक '35 वर्ष की उम्र सीमा' का भी जिक्र है, जिसके तहत इस उम्र के आसपास के कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर निकाला जा रहा है, जिन पर परिवार और होम लोन जैसी जिम्मेदारियां होती हैं। बाइटडांस के एक 26 वर्षीय पूर्व कर्मचारी ने बताया कि 6 साल काम करने के बाद भी उसे निकाल दिया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अब बड़ी टेक कंपनी का अनुभव भी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी नहीं रहा।
इनपुट: IANS



