भारत-चीन संबंध: शी जिनपिंग के दौरे के बीच ग्वांगझोउ-दिल्ली सीधी उड़ान 6 साल बाद फिर शुरू
भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को एक बड़ी मजबूती मिली है। चीन की प्रमुख विमानन कंपनी 'चाइना साउदर्न एयरलाइंस' ने लगभग छह साल के लंबे अंतराल के बाद नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच अपनी सीधी यात्री…
भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को एक बड़ी मजबूती मिली है। चीन की प्रमुख विमानन कंपनी 'चाइना साउदर्न एयरलाइंस' ने लगभग छह साल के लंबे अंतराल के बाद नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच अपनी सीधी यात्री उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सेवा 21 सितंबर से बहाल हो जाएगी। यह कदम चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के ठीक बीच उठाया गया है, जो 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में हैं।
यह घोषणा दोनों देशों के बीच राजनयिक सुधारों की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, खासकर 2020 के गलवान संघर्ष के बाद। ग्वांगझोउ चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है, और इस मार्ग की बहाली से दक्षिणी चीन के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कई एयरलाइंस ने बहाल की हैं चीन की उड़ानें
कोरोना महामारी और सीमा पर तनाव के बाद बाधित हुईं उड़ानें अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हैं। चाइना साउदर्न से पहले भी कई भारतीय और चीनी एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी थीं।
- एयर इंडिया ने इसी साल फरवरी में नई दिल्ली-चीन सेवा दोबारा शुरू की।
- चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने 18 अप्रैल को कुनमिंग-कोलकाता मार्ग बहाल किया।
- एयर चाइना ने अप्रैल में बीजिंग-दिल्ली सेवा फिर से शुरू की।
- इंडिगो ने 30 मार्च से कोलकाता-शंघाई और पिछले साल 10 नवंबर से नई दिल्ली-ग्वांगझोउ के लिए रोजाना सीधी उड़ानें शुरू की थीं।
चाइना साउदर्न ने बताया कि इस नए मार्ग के जुड़ने से दक्षिण एशिया में उसकी सेवाएं आठ राउंड-ट्रिप मार्गों पर बढ़कर प्रति सप्ताह 100 से अधिक उड़ानों तक पहुंच जाएंगी।
सुधरते रिश्तों का संकेत
जून 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था, जिसका असर व्यापार, निवेश और लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। हालांकि, अक्टूबर 2024 में सीमा पर सैन्य गतिरोध कम करने को लेकर हुए समझौते के बाद से रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले हैं। सीधी उड़ानों की बहाली को इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
इनपुट: IANS



