बंगाल चुनाव बाद हिंसा: BJP कार्यकर्ता अभिजीत सरकार हत्या मामले में 19 पर आरोप तय, पूर्व TMC विधायक भी शामिल
पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में एक अहम पड़ाव आया है। कोलकाता की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बुधवार
पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या के मामले में एक अहम पड़ाव आया है। कोलकाता की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बुधवार को इस मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन आरोपियों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक परेश पॉल और कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व पार्षद स्वपन समाद्दार जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।
यह मामला 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक बाद का है। उत्तरी कोलकाता के कंकुरगाछी इलाके के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित करने के बाद मार डाला गया।
जांच का सफर: स्थानीय पुलिस से CBI तक
शुरुआत में परिवार की शिकायत पर नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की थी और 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी। हालांकि, बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई। सीबीआई ने अपनी जांच के बाद एक पूरक चार्जशीट दाखिल की, जिसमें कुल 20 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसी जांच के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने पूर्व विधायक पॉल और पूर्व पार्षद समाद्दार से कई बार पूछताछ भी की थी।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे थे सवाल
इस केस की जांच में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई थी। सीबीआई ने कांकुरगाछी पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी और एक महिला सब-इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया था। उनकी जमानत की सुनवाई के दौरान अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा था कि 'अगर रक्षक ही हत्यारे की भूमिका निभाने लगें, तो समाज कैसे चलेगा।'
उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ऐलान किया था कि 2021 की चुनाव-उपरांत हिंसा से जुड़े किसी भी मामले में शामिल एक भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, मृतक भाजपा कार्यकर्ता के परिवार वाले इस मामले में सीबीआई जांच की गति को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं।
इनपुट: IANS



