CEAT Q1 नतीजे: मुनाफा 96% धड़ाम, लागत बढ़ने से शेयर 9% से ज्यादा टूटा
टायर बनाने वाली कंपनी सिएट के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का मुनाफा लगभग खत्म हो गया, जिसके चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में इसके स्टॉक में तेज गिरावट देखी गई…
टायर बनाने वाली कंपनी सिएट के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी का मुनाफा लगभग खत्म हो गया, जिसके चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में इसके स्टॉक में तेज गिरावट देखी गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 96% घटकर सिर्फ 4 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 112 करोड़ रुपये था।
मुनाफे में इस भारी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत को बताया गया है। कंपनी के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण लागत पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, इस दौरान मांग मजबूत बनी रही, जिससे परिचालन से होने वाला राजस्व 22.4% बढ़कर 4,318 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,529 करोड़ रुपये था।
शेयर बाजार पर असर
कमजोर नतीजों का असर शुक्रवार को सिएट के शेयर पर साफ दिखा। सुबह के कारोबारी सत्र में ही स्टॉक 9.3 प्रतिशत तक लुढ़क गया। यह अपने पिछले बंद भाव 3,829.60 रुपये के मुकाबले 3,471.10 रुपये पर आ गया। हालांकि, सुबह 10:47 बजे के आसपास यह 7.33% की गिरावट के साथ 3,548 रुपये पर कारोबार कर रहा था। पिछले एक साल में सिएट के शेयर में करीब 8% की गिरावट आई है, जो बाजार के औसत प्रदर्शन से कमजोर है।
लागत का दबाव और कंपनी की रणनीति
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ अर्नब बनर्जी ने कहा कि लागत बढ़ने के असर को कम करने के लिए टायरों की कीमतें चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई गईं। उन्होंने कहा कि ऐसा करते हुए मांग और बाजार हिस्सेदारी को बनाए रखने का भी ध्यान रखा गया। बनर्जी ने यह भी संकेत दिया कि दूसरी तिमाही में भी कच्चे माल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।
लागत के दबाव का असर कंपनी के ऑपरेटिंग मुनाफे पर भी पड़ा। एबिटा (EBITDA) 5.7% घटकर 365 करोड़ रुपये रह गया और एबिटा मार्जिन भी 11% से घटकर 8.5% पर आ गया।
इनपुट: IANS



