भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंध होंगे और गहरे, दोनों देशों के सेना प्रमुखों की दिल्ली में अहम बैठक
भारत और फ्रांस अपने रक्षा संबंधों को लगातार नई मजबूती देने में जुटे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस राजा सुब्रमणि और उनके फ्रांसीसी समकक्ष जनरल (एयर) फैबियन…
भारत और फ्रांस अपने रक्षा संबंधों को लगातार नई मजबूती देने में जुटे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस राजा सुब्रमणि और उनके फ्रांसीसी समकक्ष जनरल (एयर) फैबियन मैंडन के बीच नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक वार्ता हुई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और बढ़ाना था।
बैठक से पहले जनरल मैंडन को नेशनल वॉर मेमोरियल पर सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जहाँ उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने कई जरूरी क्षेत्रों में भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
सहयोग और सह-विकास पर ज़ोर
अपनी भारत यात्रा के दौरान, जनरल मैंडन ने सोमवार को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों पक्षों ने 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत सह-डिजाइन, सह-विकास और सह-उत्पादन के माध्यम से रक्षा औद्योगिक सहयोग को गति देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया फ्रांस यात्रा के दौरान हुए समझौतों को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
फ्रांसीसी सीडीएस के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "भारतीय सुरक्षा बलों के प्रमुख जनरल राजा सुब्रमणि से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।" पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि फ्रांस और भारतीय सेना नियमित रूप से संयुक्त प्रशिक्षण करती हैं, जिससे आपसी विश्वास का रिश्ता मजबूत होता है। बयान में यह भी कहा गया, "हम रणनीतिक नजदीकी पर आधारित एक खास तौर पर करीबी, डायनैमिक सहयोग बनाए रखते हैं, जिसे हाल ही में वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है। यह बदलाव हमारे दोनों देशों के बीच साझा महत्वाकांक्षा के स्तर का सबूत है।"
उल्लेखनीय है कि फ्रांस लंबे समय से भारत का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार रहा है और दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग है।
इनपुट: IANS



