गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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कावेरी जल विवाद: कर्नाटक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत देखने के लिए बुलाया, हेलीकॉप्टर से दौरे की पेशकश

कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक अनूठी पहल करते हुए तमिलनाडु के अपने समकक्ष सी. जोसेफ…

कावेरी जल विवाद: कर्नाटक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत देखने के लिए बुलाया, हेलीकॉप्टर से दौरे की पेशकश
(फोटो: IANS)

कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इस बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक अनूठी पहल करते हुए तमिलनाडु के अपने समकक्ष सी. जोसेफ विजय को राज्य के कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवकुमार ने जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को हेलीकॉप्टर से दौरा कराने की भी पेशकश की है।

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यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने कर्नाटक को कम बारिश के बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्देश दिया है, जिसका कर्नाटक सरकार विरोध कर रही है। कर्नाटक का कहना है कि जलाशयों में सीमित पानी है और उसे कई जिलों की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करना है। सरकार CWRC के इस निर्देश को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के समक्ष चुनौती देने की तैयारी में है।

उच्च स्तरीय बैठक की तैयारी

इस बीच, दोनों राज्यों के बीच दशकों पुराने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक दशक से भी ज्यादा समय बाद सीधी द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है। शीर्ष सूत्रों ने पुष्टि की है कि 3 अगस्त को दोपहर 2 बजे बेंगलुरु के विधान सौध में दोनों राज्यों की सरकारों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में दोनों मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ दोनों राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछली बार दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच इस मुद्दे पर सीधी बैठक नवंबर 2012 में हुई थी, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला था।

'पहले स्थिति देखें, फिर फैसला लें'

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री विजय से हमारे कावेरी जलग्रहण क्षेत्र की स्थिति देखने का अनुरोध किया है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु के नेतृत्व के लिए कर्नाटक में बारिश की भारी कमी से उपजी वास्तविक स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है। शिवकुमार ने कहा, "उन्हें स्थिति का खुद अनुभव करना चाहिए। देखते हैं कि जमीनी हकीकत देखने के बाद वह क्या फैसला लेते हैं।"

शिवकुमार के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने खुद बातचीत की इच्छा जताई थी। उन्होंने कर्नाटक के मुख्य सचिव को एक औपचारिक पत्र लिखने के अलावा फोन पर भी बात की थी। शिवकुमार ने कहा, "हमारे राज्य में आने वाले किसी भी मेहमान का सम्मान के साथ स्वागत करना हमारा कर्तव्य है, इसलिए मैंने उन्हें आने के लिए आमंत्रित किया है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे से दोनों राज्यों के बीच बेहतर समझ और सद्भाव बनाने में मदद मिल सकती है।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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