TMC विधायक दिलीप मंडल को कलकत्ता हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं, 39 FIR पर सुनवाई टली
पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस के विधायक दिलीप मंडल को कलकत्ता हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सोमवार को अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल…
पश्चिम बंगाल के बिष्णुपुर से तृणमूल कांग्रेस के विधायक दिलीप मंडल को कलकत्ता हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सोमवार को अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विधायक ने अपने खिलाफ दर्ज हो रहे मुकदमों को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत अपने तय क्रम के अनुसार ही मामले की सुनवाई करेगी।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि मंडल की अपील पर सुनवाई अगले शुक्रवार से पहले संभव नहीं है। विधायक के वकील किशोर दत्ता ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल पर पुलिस लगभग हर दिन नए आरोपों में FIR दर्ज कर रही है, जिनकी संख्या अब 39 तक पहुंच गई है। इसी आधार पर उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया।
गिरफ्तारी और आरोप
दिलीप मंडल पर धमकी देने और अशांति फैलाने जैसे कई गंभीर आरोप हैं, जिनके तहत गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसी सिलसिले में पुलिस ने उन्हें मई महीने में ओडिशा के पुरी स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया था। जानकारी के मुताबिक, चुनाव नतीजे आने के बाद से ही वह अपने इलाके से गायब थे। उनके बेटे को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
यह पूरा मामला मई में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुआ था। आरोप है कि उस वीडियो में विधायक दिलीप मंडल कथित तौर पर दूसरे दल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को धमकाते हुए नजर आ रहे थे। इसी वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
चुनाव के बाद से थे फरार
जांच के दौरान 14 मई को पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के पैलान में उनके घर पर छापा मारा था, लेकिन वह वहां नहीं मिले। स्थानीय सूत्रों ने बताया था कि पुलिस छापे की भनक लगते ही वह फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उनकी लोकेशन ट्रेस की और डायमंड हार्बर पुलिस के साथ मिलकर उन्हें पुरी से गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि राज्य में तृणमूल की हार के बावजूद दिलीप मंडल अपनी विधानसभा सीट बचाने में कामयाब रहे थे।
इनपुट: IANS



