शहीद दिवस रैली: ममता बनर्जी और अभिषेक को हाईकोर्ट का निर्देश, अवमानना मामले में दाखिल करें हलफनामा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने अदालत की अवमानना से जुड़े एक लंबित मामले में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला पिछले साल तृणमूल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने अदालत की अवमानना से जुड़े एक लंबित मामले में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला पिछले साल तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के दौरान कथित तौर पर अदालत के पुराने आदेशों के उल्लंघन से जुड़ा है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस अपूर्बा सिन्हा रॉय की खंडपीठ ने इस मामले की शुरुआती सुनवाई की। पीठ ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी समेत सभी संबंधित पक्षों को अगली सुनवाई से पहले अपने जवाब हलफनामे के रूप में दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तृणमूल कांग्रेस द्वारा 21 जुलाई को आयोजित शहीद दिवस रैली से संबंधित है। एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि पिछले साल की रैली में कलकत्ता हाईकोर्ट के 2018 के एक महत्वपूर्ण आदेश का पूरी तरह उल्लंघन किया गया। याचिका के मुताबिक, सत्ताधारी पार्टी ने मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड स्थित एक प्रमुख जंक्शन को पूरी तरह अवरुद्ध कर रैली का आयोजन किया, जिससे आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
2018 का वह अदालती आदेश
दरअसल, 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट की एक तत्कालीन खंडपीठ ने राजनीतिक रैलियों के लिए कुछ स्पष्ट नियम तय किए थे। जस्टिस ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की उस पीठ ने आदेश दिया था कि शहर में कोई भी राजनीतिक रैली किसी प्रमुख और व्यस्त चौराहे को जाम नहीं करेगी। अदालत ने यह भी अनिवार्य किया था कि रैली के दौरान सड़क का एक हिस्सा हमेशा पैदल चलने वालों और वाहनों के लिए खुला रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए और किसी भी ट्रैफिक डायवर्जन की सूचना मीडिया के माध्यम से पहले ही जनता को देनी होगी।
इसी आदेश के उल्लंघन के आरोपों के बाद हाईकोर्ट ने 19 जून को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को अवमानना का नोटिस जारी किया था, जिस पर अब उन्हें जवाब दाखिल करना है।
इनपुट: IANS



