हावड़ा: होटल मालिकों को धमकाकर 50 लाख की उगाही, नगर निगम का लॉ अफसर व NGO संचालक गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों से लाखों रुपये की उगाही करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने इस…
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में होटल मालिकों, निजी अस्पताल संचालकों और रियल एस्टेट कारोबारियों से लाखों रुपये की उगाही करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में हावड़ा नगर निगम के एक कानून अधिकारी (लॉ ऑफिसर) और एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के पदाधिकारी को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि दोनों मिलकर शहर के व्यवसायियों को नगर निगम की कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे। यह पूरा नेटवर्क करीब 10 साल से सक्रिय हो सकता है, ऐसा जांच अधिकारियों को अंदेशा है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस उगाही गिरोह में नगर निगम के अन्य अधिकारी भी शामिल थे।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
इस रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब हावड़ा स्टेशन के पास स्थित दो जाने-माने होटलों के मालिक आशीष कपूर ने 20 जुलाई को गोलाबाड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को रमेश जायसवाल नामक एक एनजीओ संचालक उनके पास आया और दावा किया कि उनके होटल की इमारतें अवैध हैं, जिन्हें नगर निगम गिरा सकता है।
शिकायत के मुताबिक, रमेश जायसवाल ने मामला निपटाने के लिए नगर निगम के कानून अधिकारी सुदर्शन जायसवाल के मार्फत 50 लाख रुपये की मांग की। आशीष कपूर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो अगले दिन रमेश जायसवाल ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस की कार्रवाई
आशीष कपूर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और बुधवार को दोनों मुख्य आरोपियों, सुदर्शन जायसवाल और रमेश जायसवाल, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इन दोनों का काम करने का तरीका एक ही था। वे पहले अवैध निर्माण या अन्य कथित गड़बड़ियों का हवाला देकर कारोबारियों को डराते थे और फिर कार्रवाई रुकवाने के नाम पर पैसे की मांग करते थे। फिलहाल, दोनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं।
इनपुट: IANS



