सोमवार, 28 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
राजनीति

जम्मू-कश्मीर विधानसभा: राज्य के दर्जे पर प्रस्ताव को लेकर भारी हंगामा, भाजपा विधायकों ने 'वेल' में की समानांतर कार्यवाही

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लाए गए राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव की भाषा पर…

जम्मू-कश्मीर विधानसभा: राज्य के दर्जे पर प्रस्ताव को लेकर भारी हंगामा, भाजपा विधायकों ने 'वेल' में की समानांतर कार्यवाही
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लाए गए राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव पर जमकर हंगामा हुआ। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव की भाषा पर आपत्ति जताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने सदन के बीचों-बीच (वेल) में आकर न केवल नारेबाजी की, बल्कि एक 'नकली कार्यवाही' भी संचालित की।

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विवाद का मुख्य कारण मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव की शब्दावली थी। भाजपा ने कहा कि वह सैद्धांतिक रूप से राज्य का दर्जा बहाल करने का समर्थन करती है, लेकिन उसे प्रस्ताव में साल 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और नवंबर 2024 में जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक स्थिति के संदर्भों से आपत्ति है। पार्टी का मानना है कि राज्य के दर्जे की मांग को अनुच्छेद 370 और पुरानी संवैधानिक व्यवस्थाओं से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

स्पीकर को हटाने की मांग और विरोध

सत्र की शुरुआत में ही भाजपा के विधायक आरएस पठानिया ने सदन को सूचित किया कि पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को हटाने के लिए एक नोटिस दिया है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है और नियमों के अनुसार, इस पर 14 दिनों के बाद ही विचार किया जा सकता है।

इस जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायक तुरंत 'वेल' में आ गए और अध्यक्ष से कुर्सी छोड़ने की मांग करते हुए नारे लगाने लगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अध्यक्ष की कुर्सी की ओर कागज फेंके और सदन के कामकाज से जुड़े दस्तावेज़ भी फाड़ दिए। जब हंगामा जारी रहा, तो भाजपा सदस्यों ने वेल में ही एक समानांतर 'नकली कार्यवाही' शुरू कर दी।

हंगामे के बीच भी चलता रहा सदन

इस पूरे हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल भी चलाया। सरकार का पक्ष रखते हुए उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भाजपा की आपत्तियों पर सवाल उठाए। बाद में सदन में स्वायत्तता प्रस्ताव पर बहस भी शुरू हुई, जिसमें एनसी के सदस्यों ने इसके पक्ष में अपनी बात रखी।

इसी बीच, एक उल्लेखनीय घटनाक्रम में विपक्षी दल पीपल्स कॉन्फ्रेंस (पीसी) के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद गनी लोन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लाए गए राज्य के दर्जे की बहाली के प्रस्ताव का समर्थन किया।

इनपुट: IANS

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News4Social राजनीति डेस्क

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