मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की शानदार ग्रोथ से भारत के औद्योगिक उत्पादन में 8% का उछाल
भारत की औद्योगिक विकास दर ने अगस्त महीने में एक मजबूत छलांग लगाई है। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है…
भारत की औद्योगिक विकास दर ने अगस्त महीने में एक मजबूत छलांग लगाई है। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रभावशाली वृद्धि के पीछे मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण क्षेत्र का शानदार प्रदर्शन मुख्य वजह रहा है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, जो औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में तीन-चौथाई से अधिक का वजन रखता है, अगस्त में 9 प्रतिशत की दर से बढ़ा। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह लगातार तीसरा महीना है जब इस क्षेत्र ने 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज की है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह सेक्टर देश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार पैदा करने में अहम भूमिका निभाता है।
किस सेक्टर का कैसा रहा प्रदर्शन?
मजबूत वृद्धि वाले क्षेत्र: मैन्युफैक्चरिंग के भीतर 23 में से 18 उद्योग समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दिखाई। इनमें मोटर वाहन (25.2%), इलेक्ट्रिकल उपकरण (30.9%), और मशीनरी (25.3%) बनाने वाले उद्योगों का योगदान सबसे ज़्यादा रहा। वहीं, बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में 12.3% और जल आपूर्ति व अपशिष्ट प्रबंधन में 6.3% की वृद्धि दर्ज की गई।
खनन में गिरावट: हालांकि, इस दौरान खनन क्षेत्र के प्रदर्शन में निराशा हाथ लगी और इसमें 5.6 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि देखी गई।
निवेश और खपत का हाल
उपयोग-आधारित आंकड़ों से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में निवेश का संकेत देने वाले कैपिटल गुड्स (फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें) के उत्पादन में 16.9 प्रतिशत की ज़बरदस्त वृद्धि हुई। इसका असर भविष्य में रोजगार और आय पर पड़ता है।
इसके अलावा, बढ़ती उपभोक्ता मांग को दर्शाते हुए कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (जैसे टीवी, फ्रिज) का उत्पादन 11.1% बढ़ा। वहीं, कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स (जैसे साबुन, कॉस्मेटिक्स) में 2.1% की मामूली बढ़त रही। इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन से जुड़े सामानों का उत्पादन भी 6.4% बढ़ा, जिसे सरकारी निवेश परियोजनाओं से बल मिला।
इनपुट: IANS



