दिल्ली: 1 करोड़ की रंगदारी न मिलने पर फाइनेंसर की हत्या की साजिश नाकाम, भाऊ गैंग का बदमाश गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए 'भाऊ गैंग' से जुड़े एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गौतम बुद्ध नगर के दादरी निवासी हरेंद्र नागर उर्फ केडी (33)…
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए 'भाऊ गैंग' से जुड़े एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गौतम बुद्ध नगर के दादरी निवासी हरेंद्र नागर उर्फ केडी (33) के रूप में हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, हरेंद्र एक फाइनेंसर से एक करोड़ रुपये की रंगदारी न मिलने पर उसकी हत्या करने के इरादे से दिल्ली आया था।
पुलिस को मिली एक खास सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जानकारी मिली थी कि हरेंद्र नागर दिल्ली के रोहिणी इलाके में मौजूद है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। टीम ने रोहिणी के सेक्टर-24 में नाले के पास जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
हथियार बरामद और साजिश का खुलासा
तलाशी के दौरान हरेंद्र की जींस की जेब से एक आधुनिक पिस्टल और 5 कारतूस मिले। इसके अलावा, उसके बैग से एक और पिस्टल और 4 कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने इन हथियारों को जब्त कर क्राइम ब्रांच थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
पूछताछ में हरेंद्र ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी दीपक के साथ मिलकर रोहिणी सेक्टर-7 के फाइनेंसर अजय यादव उर्फ 'बॉस' से पैसे ऐंठने की योजना बनाई थी। उन्होंने फाइनेंसर को फोन कर सुरक्षा के नाम पर 1 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन अजय यादव ने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी वजह से वह फाइनेंसर को खत्म करने के लिए दिल्ली आया था।
सोने की लूट में भी था शामिल
आरोपी हरेंद्र नागर ने एक और बड़े अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल की है। उसने बताया कि वह हरियाणा के अंबाला में हुई सोने की डकैती की साजिश में भी शामिल था। उसने अपने साथियों दीपक, छोटू और अन्य के साथ मिलकर 18 अगस्त, 2026 को एक वैन से लगभग 1.5 किलोग्राम सोने के गहने लूटे थे।
उसने बताया कि लूटा हुआ सोना बेचने के लिए उसका साथी दीपक ले गया था और इस मामले में उसके 3-4 साथियों को हरियाणा सीआईए पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। हरेंद्र ने यह भी बताया कि उसका साथी दीपक 'भाऊ गैंग' से जुड़ा है और उसी के जरिए वह भी इस गैंग में शामिल हुआ। हत्या की साजिश के लिए इस्तेमाल होने वाले हथियार भी दीपक ने ही उसे मुहैया कराए थे, जो दिल्ली के नरेला में रहता है।
इनपुट: IANS



