बंगाल की नई औद्योगिक नीति: टेक्सटाइल, स्टील और IT जैसे क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता, रोजगार पर खास ज़ोर
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से इस महीने अपनी नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस…
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से इस महीने अपनी नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस नीति का मुख्य केंद्रबिंदु ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देना होगा, जिनसे जुड़े छोटे और सहायक व्यवसायों की मांग पैदा होती है। सरकार का मानना है कि इस रणनीति से न केवल बड़ी औद्योगिक इकाइयों का विकास होगा, बल्कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य सचिवालय 'नबन्ना' के सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने उन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान कर ली है, जिन्हें इस नीति में प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें टेक्सटाइल और गारमेंट, लोहा और इस्पात, भारी बिजली के उपकरण, ऑटोमोटिव उद्योग के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर शामिल हैं।
नीति को अंतिम रूप देने की तैयारी
इस नई औद्योगिक नीति और 'इंडस्ट्री के लिए जमीन' से जुड़े मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए 11 अगस्त को राज्य सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के वाणिज्य और उद्योग मंत्री तपस रॉय करेंगे। इसमें उद्योगपतियों और विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधियों को भी अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "बैठक में सरकार औद्योगीकरण और निवेश आकर्षित करने की अपनी योजनाओं की रूपरेखा पेश करेगी। साथ ही, इस योजना को लागू करने के तरीके पर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे जाएंगे।"
रोजगार सृजन और उत्तर बंगाल पर ध्यान
अधिकारी के अनुसार, सहायक उद्योगों की अधिक मांग वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का मुख्य कारण ऐसे निवेश को प्रोत्साहित करना है जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सकें। यह रोजगार मुख्य औद्योगिक इकाई में सीधे तौर पर और सहायक व्यवसायों में अप्रत्यक्ष रूप से सृजित होंगे।
इसके अलावा, प्रस्तावित नीति में उत्तर बंगाल पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए 'ट्रिपल-टी' यानी चाय, लकड़ी (टिंबर) और पर्यटन (टूरिज्म) क्षेत्र पर भी जोर दिया जाएगा। अधिकारी ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा था कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य के चाय और टेक्सटाइल क्षेत्रों को फिर से मजबूत करने के लिए हरसंभव केंद्रीय मदद का आश्वासन दिया है।
इनपुट: IANS



