गलत इलाज से पैर कटने का आरोप: अभिषेक बनर्जी के 'सेवाश्रय' कैंप की जांच करेगा स्वास्थ्य विभाग
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा शुरू की गई स्वास्थ्य पहल 'सेवाश्रय' एक महिला के गंभीर आरोपों के बाद जांच के घेरे में है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक कैंप में गलत इलाज क
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा शुरू की गई स्वास्थ्य पहल 'सेवाश्रय' एक महिला के गंभीर आरोपों के बाद जांच के घेरे में है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एक कैंप में गलत इलाज के कारण अपना दाहिना पैर गंवाने का दावा करने वाली महिला की शिकायत पर पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने समानांतर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला मालती बिस्वास नामक महिला द्वारा दक्षिण 24 परगना के रबींद्र नगर पुलिस स्टेशन में शुक्रवार को दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी, उनके फरार कार्यकारी सहायक सुमित रॉय और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच पहले ही शुरू कर दी है।
क्या हैं महिला के आरोप?
मालती बिस्वास ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि वह घुटने के दर्द का इलाज कराने 'सेवाश्रय' के एक मुफ्त स्वास्थ्य कैंप में गई थीं। वहां एक डॉक्टर ने उन्हें कुछ दवाएं दीं। शिकायत के मुताबिक, इन दवाओं से उनका दर्द कम होने के बजाय और बढ़ गया।
जब वह दोबारा कैंप गईं, तो डॉक्टरों ने उन्हें एमआर बांगुर अस्पताल रेफर कर दिया। वहां के डॉक्टरों ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि गलत दवाएं दिए जाने से उनके घुटने की हालत खराब हो गई थी। बाद में उन्हें कोलकाता के नेशनल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उनकी हालत और बिगड़ गई और आखिरकार उनका दाहिना पैर काटना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने भी कदम उठाए हैं। विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "प्रभावित महिला और उनके परिवार के सदस्य सोमवार सुबह 11 बजे तक राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय, स्वास्थ्य भवन में मामले से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचेंगे।" उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी उनकी बात सुनेंगे, दस्तावेजों की जांच करेंगे और उसके अनुसार जरूरी कार्रवाई करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से 'सेवाश्रय' के खिलाफ यह अकेली शिकायत नहीं है। मालती बिस्वास के मामले को मिलाकर अब तक कुल 17 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिन पर पुलिस ने दो अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। इनमें मेडिकल लापरवाही के अलावा, बिना मंजूरी के कैंप चलाने, अयोग्य डॉक्टरों को रखने और एक्सपायर हो चुकी दवाएं बांटने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
इनपुट: IANS



