बांग्लादेश में राजनीतिक हलचल: राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कार्यकाल पूरा होने से पहले दिया इस्तीफा
बांग्लादेश में जुलाई 2024 के बड़े प्रदर्शनों के बाद अपने पद पर बने रहने वाले एकमात्र शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने भी शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पांच…
बांग्लादेश में जुलाई 2024 के बड़े प्रदर्शनों के बाद अपने पद पर बने रहने वाले एकमात्र शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारी, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने भी शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल के पूरा होने से लगभग दो साल पहले यह कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, संसद के स्पीकर ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है।
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति का पद संभाला था और उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक निर्धारित था। शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद से ही उनके पद पर बने रहने को लेकर देश में लगातार राजनीतिक बहस जारी थी।
इस्तीफे के पीछे की वजहें
शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' से बातचीत में अपने इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य समस्याओं को बताया। उन्होंने कहा, "मैं कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा हूं। फिलहाल, मुझे इससे ज़्यादा कुछ नहीं कहना है।"
हालांकि, स्थानीय मीडिया में इस्तीफे को लेकर कई और दावे भी सामने आ रहे हैं। 'द डेली स्टार' ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि शहाबुद्दीन के इस्तीफे की खबर तब आई, जब यह बात सामने आई कि उन्होंने इस साल मई में इलाज के लिए लंदन यात्रा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बात की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को इस बातचीत की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति से इस्तीफा देने के लिए कहा गया।
राजनीतिक दबाव और साजिश के आरोप
इस पूरे घटनाक्रम पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक वरिष्ठ नेता का मानना है कि सिर्फ एक फोन कॉल ही इस्तीफे की वजह नहीं है, बल्कि मामला इससे कहीं ज़्यादा जटिल है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार अवामी लीग से जुड़े नेताओं पर कार्रवाई तेज कर रही है।
हाल ही में, शहाबुद्दीन ने खुद भी मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। ढाका स्थित राष्ट्रपति भवन में बंगाली अखबार 'कालेर कंथो' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि अंतरिम सरकार के दौरान उन्हें पद से हटाने की साजिशें रची गईं। उन्होंने कहा था, "इन डेढ़ वर्षों के दौरान मुझे किसी भी चर्चा में शामिल नहीं किया गया... देश की शांति और व्यवस्था को हमेशा के लिए बिगाड़ने और संवैधानिक संकट पैदा करने की कई कोशिशें की गईं।"
इनपुट: IANS



