बांग्लादेश: जुलाई विद्रोह से जुड़ी हत्या के आरोप में अवामी लीग के पूर्व सांसद नईमुज्जमान भुइयां गिरफ्तार
बांग्लादेश में जुलाई 2024 के विद्रोह से जुड़े एक मामले में सत्ताधारी अवामी लीग के एक पूर्व सांसद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नईमुज्जमान भुइयां पर एक…
बांग्लादेश में जुलाई 2024 के विद्रोह से जुड़े एक मामले में सत्ताधारी अवामी लीग के एक पूर्व सांसद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, नईमुज्जमान भुइयां पर एक रिक्शा चालक की गुमशुदगी और हत्या का आरोप है। मंगलवार सुबह पंचगढ़ सदर उपजिला स्थित उनके घर पर छापेमारी के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने भुइयां को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां न्यायाधीश मोशर्रफ हुसैन ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। यह कार्रवाई बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ चल रही व्यापक कानूनी कार्रवाई का हिस्सा है, जो मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के समय शुरू हुई थी और वर्तमान बीएनपी प्रशासन में भी जारी है।
मामले का पूरा ब्योरा
अदालत और पुलिस सूत्रों के हवाले से बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र 'द डेली स्टार' ने बताया कि यह मामला रिक्शा चालक अल अमीन के पिता मो. मनु द्वारा 10 नवंबर, 2024 को पंचगढ़ सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया था। इस मामले में पूर्व रेल मंत्री और पंचगढ़-2 के पूर्व सांसद नूरुल इस्लाम, नईमुज्जमान भुइयां समेत 17 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
स्थानीय मीडिया आउटलेट 'व्यूज बांग्लादेश' के अनुसार, पुलिस का कहना है कि नईमुज्जमान पर कुल 12 मामले दर्ज हैं। इनमें अल अमीन की हत्या के अलावा बीएनपी कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
अवामी लीग नेताओं पर कार्रवाई
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब अवामी लीग के कई नेता और कार्यकर्ता कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इससे पहले अगस्त में भी, बांग्लादेश पुलिस ने ढाका के बसुंधरा इलाके से अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों के 53 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के अनुसार, ये लोग 15 अगस्त के शोक दिवस से जुड़ी एक तैयारी बैठक के लिए इकट्ठा हुए थे, जिसके बाद भटारा पुलिस स्टेशन ने यह कार्रवाई की। अवामी लीग ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि यह देश में लोकतांत्रिक अधिकारों और राष्ट्रीय उत्सव मनाने की स्वतंत्रता के अभाव को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



