रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश: अवामी लीग का आरोप- 'छात्र संगठन के सदस्यों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा'

बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने देश की मौजूदा अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके छात्र संगठन से जुड़े हजारों सदस्यों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उनका…

बांग्लादेश: अवामी लीग का आरोप- 'छात्र संगठन के सदस्यों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा'
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने देश की मौजूदा अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके छात्र संगठन से जुड़े हजारों सदस्यों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य तबाह हो रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी ने दावा किया है कि पूर्व मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थकों द्वारा पैदा किए गए डर के माहौल में इन छात्रों को मनमाने निष्कासन, धमकियों और गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ रहा है।

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पार्टी का कहना है कि 2024 के तथाकथित 'छात्र आंदोलन', जिसे 'रोमांटिक' रूप देकर पेश किया गया, के बाद से विश्वविद्यालय परिसरों में एक भयावह सच्चाई सामने आई है। शेख हसीना सरकार गिरने के बाद, अवामी लीग के छात्र संगठन 'बांग्लादेश छात्र लीग' (BSL) से जुड़े छात्रों, नेताओं और समर्थकों को "नई व्यवस्था का दुश्मन" करार दे दिया गया।

विश्वविद्यालयों में प्रतिशोध की लहर

अवामी लीग के मुताबिक, अक्टूबर 2024 में आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत BSL पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन इसके बाद प्रतिशोध की ऐसी लहर चली कि विश्वविद्यालय परिसर BSL से किसी भी तरह जुड़े लोगों के लिए 'नो-गो जोन' बन गए। पार्टी ने इसे 'सामूहिक दंड' बताते हुए कहा, "यह न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की वेदी पर पूरी एक पीढ़ी का भविष्य बलिदान करने जैसा है।"

आरोप है कि जो छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए परीक्षा देने या कक्षाओं में लौटने की कोशिश करते हैं, उन्हें तुरंत शत्रुतापूर्ण माहौल का सामना करना पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पार्टी ने एक छात्रा का जिक्र किया, जिस पर परीक्षा देने की कोशिश के दौरान हमला हुआ, उसे "संदिग्ध आरोपों" में गिरफ्तार किया गया और 27 दिन जेल में बिताने पड़े। वह लगभग डेढ़ साल बाद भी अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाई है।

बड़े पैमाने पर निष्कासन और निलंबन

अवामी लीग ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से मिले आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है।

विभिन्न विश्वविद्यालयों की स्थिति:

  • ढाका विश्वविद्यालय: जुलाई 2024 की घटनाओं में कथित संलिप्तता को लेकर 403 छात्रों (जिनमें से अधिकांश BSL सदस्य थे) को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
  • जहांगीरनगर विश्वविद्यालय: 100 से अधिक BSL छात्रों को निष्कासित कर दिया गया, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 289 बताई गई है।
  • अन्य संस्थान: शाहजलाल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SUST) और चिटगांव विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में भी बड़े पैमाने पर निष्कासन और निलंबन हुए।

पार्टी ने आरोप लगाया कि कई छात्रों के प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए हैं या रोक दिए गए हैं, और उन्हें लगातार डर के माहौल में जीना पड़ रहा है।

प्रशासन पर भीड़ के दबाव में झुकने का आरोप

पार्टी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर भीड़ के दबाव में झुकने और छात्रों को सुरक्षा देने से इनकार करने का आरोप लगाया है। अवामी लीग के अनुसार, जब प्रभावित छात्र परीक्षाओं में शामिल होने के लिए सुरक्षा मांगते हैं, तो विभागाध्यक्ष कहते हैं, "हम आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते। वापस मत आइए।"

अवामी लीग ने कहा कि विश्वविद्यालय अधिकारी "अनौपचारिक निष्कासन" लागू करके परिसरों को भीड़तंत्र के हवाले कर रहे हैं, जिससे हजारों छात्र केवल अपनी कथित राजनीतिक संबद्धता के कारण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

इनपुट: IANS

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