गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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बलूचिस्तान में नागरिकों के 'जबरन गायब' होने का सिलसिला जारी, तीन और मामलों पर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में नागरिकों को कथित तौर पर जबरन गायब किए जाने की घटनाओं ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मानवाधिकार संगठनों ने बुधवार को आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने तीन और आम नागरिकों

बलूचिस्तान में नागरिकों के 'जबरन गायब' होने का सिलसिला जारी, तीन और मामलों पर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई
(फोटो: IANS)

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में नागरिकों को कथित तौर पर जबरन गायब किए जाने की घटनाओं ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मानवाधिकार संगठनों ने बुधवार को आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने तीन और आम नागरिकों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर भेज दिया है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं के बाद पीड़ितों के परिवारों में गहरी चिंता और डर का माहौल है। संगठनों ने पाकिस्तानी अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए इन लोगों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

पंजगुर से दो नागरिक लापता

एक मामले में, बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग (पांक) ने बताया कि 29 जून को पंजगुर जिले के परूम इलाके में एक छापेमारी के दौरान 20 वर्षीय ड्राइवर अजीजुल्लाह को कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया। संगठन ने रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि बलों के साथ एक राज्य समर्थित सशस्त्र समूह भी मौजूद था। अजीजुल्लाह को तब से किसी अज्ञात स्थान पर रखा गया है और उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

इसी दिन पंजगुर के चिटकन बाजार इलाके से उमर जान बलूच नाम के एक अन्य नागरिक को भी कथित तौर पर गायब कर दिया गया। पांक ने गवाहों के हवाले से बताया कि सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों ने उमर को उसकी दुकान से जबरन उठाया।

एक ही व्यक्ति को तीसरी बार बनाया गया निशाना

इस बीच, बलूच वॉइस फॉर जस्टिस (बीवीजे) नामक संगठन ने खुजदार जिले से अहमद मेंगल के बार-बार गायब किए जाने की कड़ी निंदा की है। बीवीजे के मुताबिक, मेंगल को 26 मई को खुजदार के जखरबाद इलाके में उनकी दुकान से सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों ने हिरासत में लिया था। यह तीसरी बार है जब अहमद मेंगल को इस तरह 'जबरन गायब' किया गया है।

मानवाधिकार संगठनों की मांग

पांक ने अजीजुल्लाह के मामले में अधिकारियों से उसकी तत्काल जानकारी देने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और गैर-कानूनी हिरासत होने पर रिहा करने की मांग की है। संगठन ने कहा, “जबरन गायब कर देना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।” दोनों संगठनों ने मानवाधिकार समूहों से इन मामलों में दखल देने की अपील की है ताकि इन नागरिकों की सुरक्षित वापसी हो सके। बलूचिस्तान में इस तरह के मानवाधिकार उल्लंघन और कथित गैर-न्यायिक हत्याओं के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं।

इनपुट: IANS

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