गुरूवार, 30 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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सलमान रुश्दी हमला: आरोपी हादी मतर आतंकवाद का दोषी करार, उम्रकैद की सज़ा संभव

ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्लाह खुमैनी द्वारा जारी फतवे को अंजाम देने के इरादे से लेखक सलमान रुश्दी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले व्यक्ति को अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने आतंकवाद के आरोपों में दोषी…

सलमान रुश्दी हमला: आरोपी हादी मतर आतंकवाद का दोषी करार, उम्रकैद की सज़ा संभव
(फोटो: IANS)

ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्लाह खुमैनी द्वारा जारी फतवे को अंजाम देने के इरादे से लेखक सलमान रुश्दी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले व्यक्ति को अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने आतंकवाद के आरोपों में दोषी ठहराया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, जूरी ने बुधवार को हादी मतर को ईरान के निर्देशों पर काम करने और एक आतंकवादी संगठन की सहायता करने का दोषी पाया।

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यह फैसला न्यूयॉर्क की एक स्टेट कोर्ट द्वारा मतर को हत्या के प्रयास के लिए पहले ही दोषी ठहराए जाने के बाद आया है, जिसके लिए वह 25 साल की जेल की सज़ा काट रहा है। अमेरिकी कानून के तहत, एक ही अपराध के लिए किसी व्यक्ति पर राज्य और संघीय, दोनों स्तरों पर अलग-अलग मुकदमा चलाया जा सकता है। अब इस नए फैसले के बाद, जब नवंबर में बफेलो की फेडरल कोर्ट में उसे सजा सुनाई जाएगी, तो 28 वर्षीय मतर को बिना पैरोल के उम्रकैद की सजा मिलने की संभावना है।

ईरान और हिज्बुल्लाह से संबंध

अभियोजन पक्ष ने जूरी के सामने यह तर्क सफलतापूर्वक साबित किया कि लेबनानी मूल के अमेरिकी नागरिक हादी मतर ने यह हमला अकेले नहीं, बल्कि ईरान से जुड़े लेबनानी समूह हिज्बुल्लाह की मदद करने के इरादे से किया था। सबूत के तौर पर मतर की एक तस्वीर पेश की गई, जिसमें उसने हिज्बुल्लाह के नाम वाली शर्ट पहनी हुई थी। साथ ही, एक प्रोपेगेंडा वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें मतर ने खुमैनी और हिज्बुल्लाह के एक नेता के भाषण दिए थे।

बचाव पक्ष की दलील

मतर के वकील नैथेनियल बैरोन ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उनके मुवक्किल ने रुश्दी पर हमला किया था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि मतर ने यह कदम अकेले उठाया था और इसका ईरान या हिज्बुल्लाह से कोई संबंध नहीं था। वकील के अनुसार, वह रुश्दी द्वारा की गई कथित ईशनिंदा से बेहद गुस्से में था।

हमले का दिन और उसके बाद

79 वर्षीय बुकर पुरस्कार विजेता सलमान रुश्दी पर यह हमला 2022 में हुआ था, जब वह चौटाक्का इंस्टीट्यूशन में एक साहित्यिक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। विडंबना यह थी कि वह वहां लेखकों की सुरक्षा के विषय पर ही बोलने वाले थे। इस हमले के बाद रुश्दी ने 'नाइफ: मेडिटेशंस आफ्टर एन अटेम्टेड मर्डर' नाम से एक किताब भी लिखी है। सुनवाई के दौरान, रुश्दी ने कोर्ट में बताया कि हमले में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई, उनका बायां हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया और लिवर को भी नुकसान पहुंचा।

इनपुट: IANS

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