तेलंगाना: मंत्री कोंडा सुरेखा के पूर्व OSD पर हत्या के प्रयास का केस, पार्टी में पहले से विवादों में घिरी हैं मंत्री
तेलंगाना की वन मंत्री कोंडा सुरेखा के एक पूर्व विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के खिलाफ हत्या के प्रयास का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मंत्री सुरेखा अपनी बेटी के…
तेलंगाना की वन मंत्री कोंडा सुरेखा के एक पूर्व विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के खिलाफ हत्या के प्रयास का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मंत्री सुरेखा अपनी बेटी के बयानों को लेकर पहले से ही सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के भीतर विवादों का सामना कर रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक रियल एस्टेट कारोबारी ने पूर्व OSD समेत छह लोगों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता गोंगिडी हरिकृष्ण ने पुलिस को बताया कि 30 जुलाई को पूर्व OSD एन. सुमंत और उसके साथियों ने उन्हें एक कार्यालय में बुलाया था। वहां सुमंत ने हरिकृष्ण पर अपने नाम का इस्तेमाल कर पैसे वसूलने का आरोप लगाया। हरिकृष्ण के मुताबिक, जब उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया, तो सुमंत ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसके बाद सुमंत के इशारे पर वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी उन्हें पीटा।
पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मामला
पीड़ित के अनुसार, इस हमले में उनके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया और उन्हें कई अन्य गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते 10 अगस्त को उनकी सर्जरी भी करनी पड़ी। हरिकृष्ण की शिकायत के आधार पर, मेडिपल्ली पुलिस स्टेशन में गुरुवार को एन. सुमंत, रामू, प्रशांत, अरुण कुमार रेड्डी, कार्तिक और महेंद्र रेड्डी के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई। बाद में इस केस को हैदराबाद कमिश्नरेट के जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज किया है।
मंत्री की बेटी के बयानों से बढ़ा विवाद
यह घटनाक्रम मंत्री कोंडा सुरेखा के लिए राजनीतिक रूप से एक और चुनौती बनकर उभरा है। कुछ दिन पहले ही उनकी बेटी सुष्मिता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और अगले चुनाव में पार्टी से टिकट मिले या न मिले, पार्कल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इन बयानों के बाद तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने मंत्री सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में मंत्री ने कहा था कि वह अपनी बेटी के निजी विचारों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
यह पहली बार नहीं है जब सुमंत और मंत्री की बेटी की वजह से विवाद खड़ा हुआ है। पिछले साल भी पुलिस एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी को बंदूक दिखाकर वसूली करने के आरोप में सुमंत की तलाश में मंत्री के आवास पर पहुंची थी। उस समय भी सुष्मिता ने पुलिस को घर में घुसने से रोक दिया था और आरोप लगाया था कि उनके माता-पिता को पिछड़ी जाति का होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
इनपुट: IANS



