असम में बाढ़ का कहर: 25 जिलों में 7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, 31 की मौत
असम में इस साल आई विनाशकारी बाढ़ ने 25 जिलों में भारी तबाही मचाई है, जिससे अब तक 7.27 लाख से अधिक लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमं…
असम में इस साल आई विनाशकारी बाढ़ ने 25 जिलों में भारी तबाही मचाई है, जिससे अब तक 7.27 लाख से अधिक लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार प्रभावितों को राहत पहुँचाने और उनके पुनर्वास के लिए लगातार काम कर रही है।
29 अप्रैल से 21 जुलाई के बीच आई बाढ़ से राज्य के 1,700 गाँव और 74 राजस्व सर्किल प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से अब तक कुल 31 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान चलाया है। राज्य भर में कुल 95 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 18,574 विस्थापित लोगों ने शरण ली है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों तक खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुँचाने के लिए 469 राहत वितरण केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद चराइदेव जिले के एक राहत शिविर का दौरा किया और वहां मौजूद लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "मैंने राहत शिविर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से बातचीत की। यहाँ चिकित्सा दल और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैंने हर परिवार को भरोसा दिलाया है कि राहत, पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल होने तक सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।"
जान-माल का भारी नुकसान
सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के कारण संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। अब तक 401 घर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं, जबकि 1,848 घरों को आंशिक रूप से क्षति पहुँची है। बाढ़ की चपेट में आने से 185 मवेशियों की भी मौत हो गई है, जिनमें बड़े-छोटे पशु और पोल्ट्री पक्षी शामिल हैं।
सबसे अधिक 14 मौतें शिवसागर जिले में दर्ज की गईं। इसके अलावा चराइदेव में छह, जोरहाट में पांच, धेमाजी और गोलाघाट में दो-दो तथा सोनितपुर और कार्बी आंगलोंग में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। कामरूप महानगर जिले में 19 अप्रैल को शहरी बाढ़ की एक घटना में भी एक व्यक्ति की जान गई थी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "असम बाढ़ से हुई व्यापक तबाही का यह वास्तविक स्वरूप है... हमारी सरकार राहत, पुनर्वास और आजीविका के पुनर्निर्माण के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।"
इनपुट: IANS



