असम में माचा चाय का व्यावसायिक उत्पादन शुरू, भारत में बना पहला राज्य
असम ने चाय उद्योग में एक नया अध्याय जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर 'माचा चाय' का उत्पादन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को इस उपलब्धि की घोषणा
असम ने चाय उद्योग में एक नया अध्याय जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर 'माचा चाय' का उत्पादन शुरू कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे राज्य के चाय उद्योग के विविधीकरण में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह पहल असम को भारत में ऐसा करने वाला पहला राज्य बनाती है।
उत्पादन की शुरुआत तिनसुकिया जिले के छोटा टिंगराई चाय बागान से हुई है। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “आपकी पसंदीदा माचा चाय अब असम में बनेगी। हमारी गौरवशाली चाय विरासत को आगे बढ़ाते हुए असम तिनसुकिया के छोटा टिंगराई चाय बागान में व्यावसायिक रूप से माचा चाय का उत्पादन करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।”
बाजार से मिली शानदार प्रतिक्रिया
इस नई प्रीमियम चाय को बाजार में भी हाथों-हाथ लिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, असम में बनी माचा चाय की पहली खेप गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में 3,000 रुपए में बिकी। उन्होंने इसे इस उत्पाद के लिए उत्साहजनक बाजार स्वीकृति का संकेत माना। उनका मानना है कि इस विश्व स्तर पर लोकप्रिय पेय के उत्पादन से नए बाजार के अवसर खुलेंगे और असम के चाय उद्योग को मजबूती मिलेगी।
भारत-जापान सहयोग का परिणाम
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि एक दशक लंबे भारत-जापान सहयोग का नतीजा है। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इस साझेदारी का उद्देश्य तकनीकी विशेषज्ञता, विशेष मशीनरी और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से असम के चाय क्षेत्र में नवाचार लाना था। इस कदम से राज्य का चाय उद्योग पारंपरिक काली चाय के अलावा प्रीमियम हरी चाय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को भी पूरा कर सकेगा।
गौरतलब है कि माचा विशेष रूप से उगाई गई हरी चाय की पत्तियों से बना एक बारीक पाउडर है। हाल के वर्षों में पेय पदार्थों, मिठाइयों और स्वास्थ्य उत्पादों में इसके इस्तेमाल के कारण इसकी लोकप्रियता दुनिया भर में तेजी से बढ़ी है।
इनपुट: IANS



