शनिवार, 15 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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अरुणाचल: 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' से सीमावर्ती गांवों की बदल रही तस्वीर, बन रहे पर्यटन के नए केंद्र

अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांव अब पर्यटन, आजीविका और स्थानीय उद्यम के नए केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 80वें…

अरुणाचल: 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' से सीमावर्ती गांवों की बदल रही तस्वीर, बन रहे पर्यटन के नए केंद्र
(फोटो: IANS)

अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांव अब पर्यटन, आजीविका और स्थानीय उद्यम के नए केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' योजना इन दूरदराज के इलाकों में समुदायों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

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ईटानगर के इंदिरा गांधी पार्क में तिरंगा फहराने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "इस कार्यक्रम से सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे में सुधार, स्थानीय आजीविका को मजबूती और प्राकृतिक सुंदरता एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा मिल रहा है।"

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का विस्तार

पेमा खांडू ने बताया कि योजना के पहले चरण में भारत-तिब्बत (चीन) सीमा से लगे 455 गांवों में लगभग 2,800 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दूसरे चरण में कार्यक्रम का विस्तार करते हुए भारत-म्यांमार और भारत-भूटान की सीमा से सटे 122 अन्य गांवों को भी इसमें शामिल किया गया है। इन पहलों का मुख्य लक्ष्य दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करना है।

'जलविद्युत का दशक' और ऊर्जा लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने राज्य की विशाल जलविद्युत क्षमता का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “इसी विजन के तहत हमने 2025-2035 को ‘जलविद्युत का दशक’ घोषित किया है। हमारा लक्ष्य करीब 19 गीगावाट जलविद्युत क्षमता स्थापित करना है, जिसके लिए लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है।”

इस दिशा में हुई प्रगति का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि देश की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना, सुबनसिरी लोअर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, की आठ में से चार इकाइयां 1,000 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रही हैं। बाकी चार इकाइयों के भी इसी वर्ष चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने 1,720 मेगावाट की कमला और 1,200 मेगावाट की कलई-II परियोजनाओं के लिए करीब 40,175 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है।

शिक्षा और महिला सशक्तीकरण

शिक्षा क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए सीएम खांडू ने 'मिशन शिक्षित अरुणाचल' के बारे में बताया, जिसके पहले चरण में 3,112.50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। साथ ही, 50 सरकारी स्कूलों को 'गोल्डन जुबली स्कूल' के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में नामांकन 13.33 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 16 हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों (SHG) से 1.5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं, जो उद्यमी और सामुदायिक नेता बन रही हैं।

बाढ़ और आपदा राहत

मुख्यमंत्री ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश, असम और नागालैंड में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने राहत कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत 44.55 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि मंजूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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