हिमाचल में खुलेंगे 100 नए CBSE स्कूल, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी सीएम सुक्खू की बड़ी घोषणाएं
हिमाचल प्रदेश में अगले शैक्षणिक सत्र से 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिले के बरसर में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर यह…
हिमाचल प्रदेश में अगले शैक्षणिक सत्र से 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिले के बरसर में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर यह महत्वपूर्ण घोषणा की।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली, जिसमें राज्य पुलिस, आईआरबी, हरियाणा पुलिस और होमगार्ड समेत कई टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी कई बड़े ऐलान किए।
कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया भुगतान
सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 281 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान की घोषणा की है। इस योजना के तहत, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को इसी महीने वेतन बकाया के रूप में अतिरिक्त 20,000 रुपए मिलेंगे।
इसके अलावा, 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी के पेंशनरों को उनके बकाये का 35 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इसी अवधि के लिए, प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों को उनके बकाया का 15 प्रतिशत भुगतान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल की है।"
स्वास्थ्य और अन्य विभागों के लिए घोषणाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत 9,000 आशा कार्यकर्ताओं की मासिक प्रोत्साहन राशि 5,800 रुपए से बढ़ाकर 6,800 रुपए की जाएगी। NHM के जिन कर्मचारियों ने सात साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 1 अप्रैल से संशोधित वेतन का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्स स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य तकनीशियनों का मासिक मानदेय 25,000 रुपए और डेटा एंट्री ऑपरेटरों का 18,000 रुपए किया जाएगा, जो 1 सितंबर से लागू होगा। वहीं, डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की तारीख अगले वर्ष 31 मार्च तक बढ़ाई गई है।
अन्य घोषणाएं: मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 पद भरने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार मल्टी-टास्क वर्करों और आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए एक नीति बनाने पर विचार कर रही है।
इनपुट: IANS



