ग्रेटर नोएडा: सवारी बनकर लूटने वाले गिरोह से पुलिस की मुठभेड़, दो बदमाश गोली लगने से घायल
ग्रेटर नोएडा के दनकौर इलाके में राहगीरों को अपनी कार में सवारी के तौर पर बैठाकर लूटने वाले एक गिरोह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को हुई इस कार्रवाई…
ग्रेटर नोएडा के दनकौर इलाके में राहगीरों को अपनी कार में सवारी के तौर पर बैठाकर लूटने वाले एक गिरोह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को हुई इस कार्रवाई में दो बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बदमाशों के चंगुल से दो युवकों को सुरक्षित छुड़ाया है, जिन्हें उन्होंने बंधक बना लिया था।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब 15 अगस्त को पुलिस को पीआरवी के जरिए सूचना मिली कि कुछ बदमाशों ने एक व्यक्ति को कार में बंधक बना लिया है और उससे डरा-धमकाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लिए हैं। पीड़ित का नाम हेमेन्द्र (27 वर्ष) है, जो राजस्थान के धौलपुर का रहने वाला है। वह दनकौर क्षेत्र में एक निजी यूनिवर्सिटी के पास आगरा जाने वाले टोल के नज़दीक गाड़ी का इंतज़ार कर रहा था, तभी एक कार में सवार युवकों ने उसे लिफ्ट दी।
पुलिस ने कैसे की कार्रवाई?
सूचना मिलते ही दनकौर पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़ित के भाई से संपर्क कर जानकारी जुटाई और घटना में इस्तेमाल हुई आई-20 कार की तलाश शुरू कर दी। जल्द ही पुलिस टीम ने कार को पहचान कर उसका पीछा किया। जब पुलिस ने अंडरपास के पास कार को रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देख बदमाशों ने कार से उतरकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस पार्टी ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी।
आरोपियों की पहचान और बरामदगी
घायल आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय अभिनय पल्लव, निवासी जहानाबाद, बिहार और 22 वर्षीय सत्यम सिंह, निवासी हापुड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से दो तमंचे, कारतूस, चार मोबाइल फोन, एक अवैध चाकू और लूटे गए 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हेमेन्द्र के अलावा एक और युवक, 18 वर्षीय नमन को भी सुरक्षित मुक्त करा लिया। कानपुर नगर निवासी नमन को भी आरोपियों ने जीरो प्वाइंट से सवारी के रूप में ही अपनी कार में बैठाया था। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
इनपुट: IANS



